Rajasthan Politics: विश्वासमत के लिए पहले अशोक गहलोत कर रहे थे मना, अब दे रहे जोर आखिर क्या है माजरा

Ashok Gehlot vs Sachin Pilot: राजस्थान में अशोक गहलोत के पास संख्या बल है जिसका वो दावा भी कर रहे हैं तो सवाल यह है कि वो विधानसभा सत्र बुलाने की मांग क्यों कर रहे हैं।

Rajasthan Politics: विश्वासमत के लिए पहले अशोक गहलोत कर रहे थे मना, अब दे रहे हैं जोर आखिर  क्या है माजरा
अशोक गहलोत, सीएम, राजस्थान 

मुख्य बातें

  • राजस्थान कांग्रेस का दावा, संख्याबल अशोक गहलोत के पक्ष में
  • अशोक गहलोत सरकार जल्द से जल्द विधानसभा सत्र बुलाने की कर रही हैं मांग
  • सचिन पायलट समेत उनके खेमे में कुल 19 विधायक

जयपुर: राजस्थान में शुक्रवार को हाईकोर्ट के फैसले के बाद अशोक गहलोत खेमे के सभी विधायक राजभवन में धरने पर बैठ गए। राजभवन में नारेबाजी  हुई, अशोक गहलोत यहां तक बोल बैठे कि अगर राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुलाते हैं तो जनता घेराव करेगी। उनके इस बयान पर राज्यपाल सचिवालय की तरफ से बयान आया कि लोकतंत्र में दबाव की राजनीति के लिए जगह नहीं है। यहां सवाल उठता है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आया था उस वक्त तक कांग्रेस का यह कहना था कि वो विश्वासमत क्यों हासिल करें। लेकिन अब गहलोत खेमा विधानसभा सत्र के जरिए क्या साबित करना चाह रहा है, क्या अब उन्हें किसी तरह का खतरा महसूस हो रहा है। 

कांग्रेस को विधायकों के मानस बदलने का डर
अगर राजस्थान विधानसभा की तस्वीर देखें तो सचिन पायलट खेमे के विधायकों के जाने के बाद भी अशोक गहलोत सरकार पर किसी तरह का खतरा नहीं है। अगर विधानसभा सत्र बुलाया गया तो गहलोत खेमे के जितने विधायक फेयरमांट होटल में है वो उनके पक्ष में वोट करेंगे। लेकिन अगर विधानसभा सत्र को बुलाने में राज्यपाल की तरफ से अनुमति देर से मिली तो ऐसा हो सकता है कि कुछ विधायकों का मन बदले और यदि ऐसा होगा तो निश्चित तौर पर गहलोत की सभी कोशिश मिट्टी में मिल जाएगी। 

राजस्थान बीजेपी के बयान के बाद हलचल हुई तेज
इधर शुक्रवार को पायलट खेमे के विधायकों ने कहा कि उन लोगों के ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं है। वो अपने मन से दिल्ली आए। जहां तक बीजेपी नेताओं से मिलने की बात है तो उसमें सच्चाई नहीं है। बड़ी बात यह है कि पायलट खेमे के एक विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि गहलोत साहब को मिलने की फुर्सत कहां थी। अब जब हम अपनी बात नहीं कह सकते तो ऐसे शख्स के साथ रहने का मतलब ही क्या है। यहां यह भी समझना होगा कि राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि सचिन पायलट अगले सीएम हो सकते हैं। 

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