विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर आई आधिकारिक मांग के बाद भारत सरकार इस अनुरोध की कानूनी और न्यायिक दृष्टि से समीक्षा कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि बांग्लादेश से ऐसा अनुरोध प्राप्त हुआ है और इसे तय प्रक्रिया के तहत परखा जा रहा है।
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जायसवाल के अनुसार, भारत इस पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ देख रहा है। उन्होंने कहा, “हां, हमें अनुरोध प्राप्त हुआ है और इस अनुरोध की न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध है-जिसमें शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता जैसी मूलभूत आवश्यकताएं शामिल हैं।
शेख हसीना, जो लंबे समय तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं, उनके खिलाफ वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच यह प्रत्यर्पण अनुरोध कई स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शेख हसीना तख्तापलट के बाद से भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश ने बुधवार को कहा कि भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के उसके पूर्व के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन बांग्लादेश को भारत से जवाब की उम्मीद है क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी ठहराए जाने के बाद ‘‘अब स्थिति अलग है।’’ मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले सप्ताह भारत को एक "आधिकारिक पत्र" भेजकर हसीना (78) के प्रत्यर्पण की मांग की थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार हसीना के प्रत्यर्पण के अपने नवीनतम अनुरोध पर भारत के जवाब का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं है कि वे (भारत) ढाका के अनुरोध के एक हफ्ते के भीतर जवाब देंगे, लेकिन हम आशान्वित हैं कि हमें जवाब मिलेगा।"
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