फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ ने दिया इस्तीफा, सिंधिया बोले- आज जनता की जीत हुई

देश
किशोर जोशी
Updated Mar 20, 2020 | 15:16 IST

Floor Test in MP LIVE: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार का सियासी संकट शुक्रवार को उनका इस्तीफा देने के साथ ही खत्म हो गया है। बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद यह संकट पैदा हो गया था।

MP Floor test news in Hindi LIVE Today, Kamal Nath Shivraj Singh Chauhan BJP Congress
MP Floor Test: कमलनाथ की कुर्सी जानी तय, करेंगे ऐलान 

मुख्य बातें

  • मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा हुआ खत्म, कमलनाथ ने किया इस्तीफा देने का ऐलान
  • गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को शुक्रवार शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट करने का दिया था आदेश
  • देर रात को विधानसभा स्पीकर ने बागी 16 विधायकों का इस्तीफा किया था स्वीकार

भोपाल/ Floor Test in MP: मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद कमलनाथ सरकार पर जो संकट गहराया था वो अब कमलनाथ के इस्तीफा देने के ऐलान के साथ खत्म होने जा रहा है। इससे पहले गुरुवार को कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी और कोर्ट ने शुक्रवार यानि आज शाम 5 बजे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि बागी 16 विधायकों पर ही निर्भर होगा कि सरकार को बहुमत है या नहीं। यहां हम मध्य प्रदेश से जुड़ी हर ताजा अपडेट्स हम आपको दे रहे हैं।

मैंने हमेशा की है शुचिता की राजनीति

 कमलनाथ ने राज्यपाल लालजीटंडन को सौंपा अपना इस्तीफा। इस्तीफे की चिट्ठी में कमलनाथ ने लिखा, 'मैंने अपने चालीस साल के सार्वजनिक जीवन में हमेशा शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रित मूल्यों को सदैव तरजीह दी है। मध्य प्रदेश में पिछले दो हफ्ते में जो कुछ भी हुई वो प्रजातांत्रिक मूल्यों के अवमूल्यन का नया अध्याय है। मैं मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे रहा हूं। साथ ही नए बनने वाले सीएम को मेरी शुभकामनाएं। मध्य प्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग सदैव रहेगा।'

सिंधिया ने कहा जनता की जीत हुई

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेवजयते।'

निर्दलीय विधायक ने किया बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान

 फ्लोर टेस्ट को लेकर सीहोर में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई जिसमें शिवराज सिंह चौहान, विनय सहस्त्रबुद्धे ,कैलाश विजयवर्गीय, वीडी शर्मा हुए शामिल। इस बीच निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल बोले- निर्दलीय विधायक होने के नाते, अब मेरे पास अब इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है कि जो नई सरकार बनेगी, उसका समर्थन करू तांकि अपने लोगों का विकास करवा सकूं। मैंने उनसे बात की है। मैंने कहा था कि जब तक कमलनाथ हैं, मैं उनका समर्थन करता रहूंगा। लेकिन मेरी प्राथमिकता मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों, उनके विकास और श्रमिकों का सम्मान है। मुझे लगता है कि अब नेतृत्व की अनुपस्थिति में यह संभव नहीं है।

इस्तीफे का ऐलान

 कमलनाथ बोले- मेरे राजनीतिक जीवन में मैंने हमेशा कुछ मूल्यों का पालन किया और करता रहूंगा। मैं तो इतना ही कहना चाहूंगा की वो अपने इरादों में कामयाब नहीं होंगे। प्रदेश के हमारे नौजवान, कमजोर तबके, किसान और पिछड़ा वर्ग आगे रहे, ये हम चाहते हैं। ये हमारे 16 विधायकों को ले गए और आगे आने वाले समय में इनका खुलासा होगा। विधायकों को कौन ले गया। किसने पैसा दिया, कौन ले गया। आज के बाद कल भी आता है और कल के बाद परसों भी आता है। और परसों आएगा। मैंने तय किया है कि मैं राज्यपाल को इस्तीफा दूंगा।

हम पर नहीं लगा भ्रष्टाचार का आरोप
कमलनाथ बोले- '15 महीनों में हमने अपने वचनपत्र के चार सौ वादे पूरे किए बीजेपी को ये रास नहीं आया। हम प्रदेश को भयमुक्त बनाना चाहते थे ये बीजेपी को रास नहीं आया। हमने कोई झूठ नहीं बोला जो भी घोषणाएं की उन्हें पूरा करने का प्रयास किया। मैंने इन 15 महीनों में दिन रात काम करके प्रदेश की पिछले 15 साल की तस्वीर को बदलने का प्रयास किया। 15 महीनों में हम पर कोई घोटाले या भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। विकास के पथ पर हम हमेशा रहेंगे। ना हम रूकेंगे, ना हम झुकेंगे क्योंकि प्रदेश की जनता का विश्वास हम पर है। मुझे प्रदेश की जनता पर गुमान है। मेरे कार्यों की सच्चाई जनता जानती है और मेरे कार्यों का फल जनता मुझे देगी।'

बीजेपी को रास नहीं आया विकास

 अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए कमलनाथ ने कहा, 'हमने किसानों केलिए कार्य किए औऱ उनके कर्ज माफ किए। हमने माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जो बीजेपी नहीं चाहती थी औऱ 15 महीने में राज्य को माफिया मुक्त बनाया। बीजेपी के 15 साल के कार्यकाल में माफिया किस कदर फूले थे ये राज्य की जनता जानती है। हमने युवाओं को रोजगार देने के तमाम कार्य किए। बीजेपी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की। गौमाता संरक्षण के लिए हमने एक हजार गौशाला बनाने का निर्णय़ लिया जो बीजेपी को रास नहीं आया। बीजेपी को हमारे कोई भी विकास कार्य रास नहीं आए और उन्होंने हमेशा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की।'

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं कमलनाथ

11 मार्च 2018 को विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिली औऱ फिर मैंने 18 दिसंबर को शपथ ली। 15 महीनों में हमने प्रदेश को नई पहचान देने की कोशिश की। 45 साल के राजनीतिक जीवन मे हमेशा मैंने विकास की राजनीति की। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा से ही मेरे कार्यों में अडंगा लगाने की कोशिश की। पहले दिन से ये कहते रहे कि ये सरकार 15 दिन, एक महीने की सरकार है। हमारे 22 विधायकों को बंधक बनाया गया। करोड़ों रुपये खर्च कर कैसे विधायकों को खरीदा गया पूरे देश ने देखा। एक महाराज ने बीजेपी के साथ मिलकर क्या किया सबने देखा। प्रदेश के साथ धोखा करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी- कमलनाथ

स्पीकर बोले- नहीं था कोई चारा

मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे कांग्रेस विधायक। मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर एनसी प्रजापति बोले- लोकतत्र में ये बड़ी विडंबना आ गई है कि जनता हितों के लिए आपको चुनती है, क्षेत्र में कार्य करने के लिए चुनती है लेकिन आने के बाद आप उसे नजरअंदाज करते हैं और स्वयं को चुनते हैं तो ऐसी स्थितियां आती है। मैंने कल रात में विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं और मेरे पास इस्तीफा स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं था। 

मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा बोले हमारे पास है बहुमत
कमलनाथ के कानून मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिया है उसका पालन होगा। जिस तरह से 16 लोगो को बंधक बनाकर रखा गया, उसके लिए मैं हॉर्स ट्रेडिंग नहीं बल्कि एलीफेंट ट्रेडिंग कहूंगा। खरीद फरोख्त, पैसा, दल बल और केंद्र सरकार की शक्तियों का दुरुपयोग किया जिसका खुलासा सीएम कमलनाथ करेंगे। हमारे पास अभी भी बहुमत है और 105 विधायक हमारे पास हैं जिसमें से कुछ बीजेपी विधायक भी हमारे संपर्क में हैं।

दिग्विजय ने स्वीकारा हमारे पास नहीं बहुमत

 कहा जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद कमलनाथ विधानसभा में जा सकते हैं जहां वो विधानसभा को संबोधित करने के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। फिलहाल एक बात तो तय है कि कमलनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं है और इस बात को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भी स्वीकार कर चुके हैं।

विधायकों से बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगे कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने विधायकों से 11 बजे मुलाकात करेंगे। इसके बाद 12 बजे वो प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। कहा जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। संख्याबल देखा जाए तो वो इस समय कांग्रेस के पक्ष में नहीं है। इससे पहले 2 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होनी थी जिसके बाद फ्लोर टेस्ट होना था लेकिन अब इसकी संभावनाएं बहुत कम नजर आ रही है।

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर