Lockkdown in Maharashtra: मजदूरों को सशर्त गांव लौटने की मिली मंजूरी,घर वापसी को लेकर हो चुका है बवाल

देश
रवि वैश्य
Updated Apr 18, 2020 | 15:00 IST

Maharashtra Migrant Laborers Back:राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने एक लाख से अधिक प्रवासी गन्ना श्रमिकों को चिकित्सा जांच के बाद अपने गांवों में वापस जाने की अनुमति दी है।

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सरकार के इस फैसले से बीड और अहमदनगर के मजदूरों को फायदा होगा 

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन के बीच चीनी मिलों के एक लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने गांव लौटने की इजाजत देने का फैसला किया है। साथ ही, उनकी कोविड-19 की जांच कराई जाएगी। मंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि 1.31 लाख चीनी मिल मजदूर राज्य में 38 चीनी मिलों के परिसरों में बने अस्थायी आवास में रह रहे हैं, जबकि कई अन्य मजदूर दूसरे स्थानों पर फंसे हुए हैं।

हालांकि, इन प्रवासी मजदूरों को अपने गांव लौटने की इजाजत देने से एक जिले से दूसरे जिले में भारी संख्या में लोगों की आवाजाही होगी। मुंडे ने ट्वीट किया, 'चीनी मिलों में काम करने वाले मेरे भाइयों, आपके लिये एक अच्छी खबर है! आप अब अपने घर (गांव) लौट सकते हैं। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।'

इन कारखानों का संचालन करने वाले मालिकों को श्रमिकों और उनके परिजनों को परीक्षण और प्रमाणित करना होगा, और अधिकारियों को ग्राम पंचायतों सहित सूचित करना होगा, और फिर उनकी यात्रा के लिए अपेक्षित अनुमति प्राप्त करनी होगी।

सरकार के इस फैसले से बीड और अहमदनगर के मजदूरों को फायदा होगा जो पश्चिमी महाराष्ट्र, कर्नाटक से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों और राज्य के अन्य हिस्सों में फंसे हुए हैं। बयान में कहा गया है कि चीनी मिलों के मालिकों को इन मजदूरों और उनके परिजनों की जांच करानी होगी।

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