Udhav Thackeray के निशाने पर देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र की तस्वीर अब साफ

देश
Updated Nov 08, 2019 | 20:11 IST | टाइम्स नाउ ब्यूरो

Devendra phadnavees resigns: देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन का विकल्प है। इन सबके बीच बीजेपी और शिवसेना ने एक दूसरे की घेरेबंदी की।

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शिवसेना प्रमुख हैं उद्धव ठाकरे 

मुख्य बातें

  • देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से दिया इस्तीफा
  • 50-50 पर फडणवीस ने कहा कि इस संबंध किसी तरह का वादा नहीं था
  • शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बोले वो झूठ नहीं बोलते हैं

नई दिल्ली। करीब 15 दिन के गतिरोध के बाद महाराष्ट्र की तस्वीर साफ हो चुकी है। राज्य में फिलहाल कोई भी पार्टी सरकार बनाने नहीं जा रही है और राष्ट्रपति शासन का रास्ता साफ हो चुका है। शुक्रवार की शाम सीएम देवेंद्र फडणवीस सरकार ने इस्तीफा दे दिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन सभी वजहों का जिक्र किया कि क्यों सरकार नहीं बन सकी। इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना पर निशाना भी साधा। शिवसेना ने भी फडणवीस का जवाब देने में देरी नहीं की। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि दोनों नेताओं ने क्या कहा।

फडणवीस ने ये कहा
फडणवीस ने कहा कि नतीजों के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि यह गठबंधन की जीत है। लेकिन बाद में 50-50 वाला बयान समझ से परे था। शिवसेना ने लगातार वक्तव्य दिए जो दुर्भाग्यपूर्ण थे। वो साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि ढाई ढाई साल के लिए सीएम पद पर कोई फैसला नहीं हुआ था। इस बात को वो मानते हैं कि इस विषय पर चर्चा हुई थी। लेकिन किसी तरह का फैसला नहीं हुआ था। उन्होंने अध्यक्ष अमित शाह जी से भी पूछा था को उनका जवाब था कि ऐसा फैसला नहीं हुआ था।  

इसके साथ ही शिवसेना ने मीडिया का सहारा लिया। हम तगड़ी भाषा में जवाब दे सकते थे। लेकिन हमें यह पता है कि बीजेपी और शिवसेना के बीच किस तरह का रिश्ता है। फडणवीस ने कहा कि वो बाला साहेब ठाकरे का सम्मान करते हैं, लिहाजा वो शिवसेना के आरोपों का जवाब नहीं देंगे। 
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य दोबारा चुनाव के बोझ को नहीं सह सकता है। लिहाजा यह बेहतर होगा कि एक स्थिर सरकार बने। इसके साथ ही

उन्होंने कहा कि जो लोग खरीदफरोख्त का आरोप लगाते हैं वो लोग एक भी साक्ष्य पेश करें। उनका मानना है कि बीजेपी सरकार बनाने की कोशिश करती रहेगी। अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगता है तो भी सरकार बनाने की उनकी कोशिश जारी रहेगी। सरकार नहीं बना पाने के लिए माफी मांगता हूं। 

उद्धव ठाकरे ने इस तरह दिया जवाब
उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कभी पीएम मोदी पर आरोप लगाए। इस संबंध में देवेंद्र फडणवीस के आरोप झूठे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर का श्रेय कोई दल नहीं ले सकता है। हिंदुत्व पर सवाल के जवाब में ठाकरे ने कहा कि यह विषय शिवसेना के लिए सिर्फ वोट हासिल करने का मुद्दा नहीं है। 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो बीजेपी के झूठ से परेशान है। लेकिन बातचीत के दरवाजे अभी खुले हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सच से क्यों भाग रही है। सरकार का बनना या बनाना अलग विषय है। लेकिन बीजेपी को सच का तो सामना करना चाहिए। सच ये है कि गंगा की सफाई करते करते इनका दिमाग प्रदूषित हो गया है। हमने गलत लोगों के साथ गठबंधन किया। 

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने बाला साहब ठाकरे से कहा कि शिवसेना का सीएम जरूर बनेगा। उन्हें उम्मीद है कि एक न एक दिन वो सपना जरूर साकार होगा।  ठाकरे ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि नतीजों के तुरंत बाद बीजेपी ने दुष्यंत चौटाला से बातचीत की लेकिन शिवसेना ने बात करने में दिक्कत होने लगी। 

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Udhav Thackeray के निशाने पर देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र की तस्वीर अब साफ Description: Devendra phadnavees resigns: देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन का विकल्प है। इन सबके बीच बीजेपी और शिवसेना ने एक दूसरे की घेरेबंदी की।
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