राम मंदिर अयोध्या मामला: फैसले की घड़ी नजदीक आते ही पीएम मोदी और राजनीतिक दलों ने की ये अपील

देश
Updated Nov 08, 2019 | 16:18 IST

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद अयोध्या मामला: अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की घड़ी आने वाली है। इसे देखते हुए सरकारें और प्रशासन अलर्ट पर हैं। पीएम ने अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा है।

Before Supreme Court Verdict in Ayodhya Case PM Modi and leaders appeal
अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है, 17 नवंबर से पहले आएगा फैसला
  • अयोध्या सहित पूरे उत्तर प्रदेश में सरकार और प्रशासन ने उठाए हैं एहतियाती कदम
  • राजनीतिक दलों एवं धार्मिक संगठनों ने लोगों से शीर्ष अदालत के फैसले का सम्मान करने की अपील की है

नई दिल्ली : अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। केस और फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र से लेकर राज्य स्तर पर सरकार और प्रशासनिक अमला एहतियात बरतने लगा है। फैसला आने के बाद देश में सद्भाव बनाए रखने और सांप्रदायिक माहौल खराब न हो इसके लिए हिंदू और मुस्लिम धार्मिक संगठन आगे आए हैं और लोगों से शीर्ष अदालत के फैसले का सम्मान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मंत्रियों से अयोध्या मामले में अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा है। 

पीएम ने कहा-अयोध्या केस में बयानबाजी से दूर रहें मंत्री
सूत्रों का कहना है कि बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से अयोध्या केस में अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने की सलाह दी। सूत्रों के मुताबिक पीएम ने इस बैठक में अयोध्या फैसले के मद्देनजर देश में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया। गत 27 अक्टूबर के अपने 'मन की बात' में अयोध्या केस में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के समय सामाजिक सद्भाव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एकजुट आवाज देश को बांधे रख सकती है। 

श्री श्री रविशंकर
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि सभी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे क्योंकि इस न्यायिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास है। आध्यात्मिक गुरु ने अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए कहा है। रविशंकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए मध्यस्थता पैनल के सदस्य भी रहे हैं। इस पैनल को अयोध्या केस के सभी पक्षकारों से बातचीत कर एक सुलह का रास्ता निकालने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन यह पैनल अपनी लक्ष्य में सफल नहीं हो सका। 

मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी को आवश्यक रूप से मानना चाहिए। मायावती ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'अयोध्या केस में फैसला अब किसी भी वक्त आ सकता है। यह स्वाभाविक है कि लोग फैसले से उम्मीद करेंगे लेकिन फैसला चाहे जो कुछ भी हो, मैं लोगों से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने के लिए कहूंगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान देश और लोगों के हित में है।'


योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या केस में फैसले से पहले अपने मंत्रियों से विवादास्पद बयान न देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए अयोध्या में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। राज्य भर में पुलिस अलर्ट पर है जिलों की सुरक्षा चाक-चौबंद रखी गई है। राज्य की पुलिस भी लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।   

शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सुप्रीम शरद पवार ने कहा कि 'कुछ ताकतें' मौका का फायदा उठाने और समाज में दरार पैदा करने की कोशिश कर सकती हैं। इसे आस्था का मामला बताते हुए पवार ने कहा कि अयोध्या केस में सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव बने रहना चाहिए। ऐसी आशंका है कि 'कुछ ताकतें' हालात का फायदा उठा सकती हैं। 

भाजपा
पार्टी आलाकमान ने देश भर के पार्टी प्रवक्ताओं, मीडिया एवं सोशल मीडिया के प्रभारियों को राम मंदिर मुद्दे पर अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा है। भाजपा के सोशल मीडिया के प्रमुख अमित मालवीय ने अपनी टीम को विवादास्पद बयानों पर रोक लगाने के उपाय बताए हैं। 

आरएसएस
अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने नवंबर के अपने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। आरएसएस ने कार्यकर्ताओं से अपनी प्रस्तावित यात्राओं को स्थगित करने के लिए भी कहा है। सूत्रों का कहना है कि अयोध्या फैसले को लेकर संघ बेहद सतर्क है। आरएसएस की एक बैठक 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक हरिद्वार में होनी थी लेकिन उसे रद्द कर दिया गया।

अयोध्या में धारा 144 लागू
अयोध्या में 28 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। इसका उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अयोध्या के जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में लोगों से किसी धर्म, समुदाय, देवी-देवता, किसी व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री न पोस्ट करने की अपील की गई है। इसके अलावा राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने पर भी रोक लगाई गई है। 

मुस्लिम पक्ष
ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस -ए- मुशावरात के प्रमुख नावेद हामिद की अध्यक्षता वाली बैठक में शामिल लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हर हाल में सम्मान करने का संकल्प लिया। इसके अलावा देश के अन्य प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि अयोध्या पर वे शीर्ष अदालत के फैसले का सम्मान करेंगे।  

अगली खबर
राम मंदिर अयोध्या मामला: फैसले की घड़ी नजदीक आते ही पीएम मोदी और राजनीतिक दलों ने की ये अपील Description: राम मंदिर-बाबरी मस्जिद अयोध्या मामला: अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की घड़ी आने वाली है। इसे देखते हुए सरकारें और प्रशासन अलर्ट पर हैं। पीएम ने अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा है।
loadingLoading...
loadingLoading...
loadingLoading...
taboola