'विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है तमिल सभ्यता', PM बोले-इसे वैश्विक त्योहार के रूप में देखना खुशी की बात
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 14, 2026, 01:02 PM IST
लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक है, इसे एक ऐसी संस्कृति बताया जो सदियों को जोड़ती है, इतिहास से सबक लेती है और भविष्य को रास्ता दिखाती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'दोस्तों, तमिल सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। तस्वीर-ANI
Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भविष्य की पीढ़ियों के लिए मिट्टी एवं जल का संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित इस्तेमाल सुनिश्चित करने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि ये सभी मौजूदा समय की सबसे जरूरमंत चीजों में से एक हैं। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के दिल्ली स्थित आवास पर पोंगल पर्व से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्व एवं त्योहार लोगों को प्रकृति के ज्यादा करीब लाते हैं। मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम एवं अमृत सरोवर जैसे अभियान इसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।
'सदियों को जोड़ती है तमिल सभ्यता'
लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक है, इसे एक ऐसी संस्कृति बताया जो सदियों को जोड़ती है, इतिहास से सबक लेती है और भविष्य को रास्ता दिखाती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'दोस्तों, तमिल सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक है। यह संस्कृति सदियों को जोड़ती है, इतिहास से सीखती है, वर्तमान को रास्ता दिखाती है और भविष्य के लिए रास्ता बनाती है। इससे प्रेरित होकर, आज का भारत अपनी जड़ों से ताकत लेते हुए, नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है।'
पीएम ने अपने निजी अनुभव साझा किए
प्रधानमंत्री ने तमिल संस्कृति से जुड़ने के अपने निजी अनुभव भी शेयर किए। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में, उन्होंने तमिल विरासत और परंपराओं से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अपनी यात्राओं को याद करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के हजार साल पुराने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रार्थना की और वाराणसी में काशी-तमिल संगम के दौरान गहरी सांस्कृतिक एकता के पलों का अनुभव किया। उन्होंने आगे कहा कि वे जहां भी गए, उन्हें एकता की यह भावना महसूस हुई। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि संगम बीच का उद्घाटन करने के लिए रामेश्वरम की उनकी यात्रा ने उन्हें एक बार फिर तमिल इतिहास की भव्यता देखने का मौका दिया।
देशवासियों को दीं पोंगल, मकर संक्रांति की शुभकामनाएं
इससे पहले तमिल और अंग्रेजी भाषा में लिखे पत्र में मोदी ने यह भी कहा कि पोंगल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है जो अपने परिश्रम से हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रिय देशवासियों, नमस्कार! पोंगल के शुभ अवसर पर मैं आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह विशेष त्योहार हमें मानव श्रम और प्रकृति के बीच घनिष्ठ संबंध की याद दिलाता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार कृषि, मेहनतकश किसानों, ग्रामीण जीवन और काम की गरिमा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि परिवार पारंपरिक व्यंजन बनाने और खुशी साझा करने के लिए एक साथ आते हैं, इससे संबंध मजबूत होते हैं और एकजुटता की भावना प्रबल होती है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।