'सिद्दारमैया का नाम इतिहास में दर्ज होगा, यह गर्व का क्षण', शिवकुमार ने अपने सियासी 'प्रतिद्वंद्वी' की क्यों की तारीफ
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 6, 2026, 07:32 AM IST
शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह खुशी का पल है, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। जीवन में हर किसी की कुछ हासिल करने की महत्वाकांक्षा होती है। वह पहले भी इतिहास की किताबों में रहे हैं और भविष्य में भी रहेंगे।’शिवकुमार ने देवरराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़कर सिद्धरमैया के कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का जिक्र करते हुए यह बात कही।
सीएम कुर्सी को लेकर दोनों नेताओं में खींचतान चलती है। तस्वीर-PTI
DK Shivkumar : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच रस्साकशी लंबे समय से चली आ रही है। कई बार यह विवाद दिल्ली तक पहुंचता रहा है लेकिन सिद्दारमैया सीएम की कुर्सी पर बने हुए है। इस बीच, शिवकुमार ने सिद्धरमैया को यह कहते हुए बधाई दी कि है वह एक रिकॉर्ड कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व का क्षण है और सिद्धारमैया का नाम इतिहास में दर्ज रहेगा।
यह खुशी का पल है-शिवकुमार
शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह खुशी का पल है, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। जीवन में हर किसी की कुछ हासिल करने की महत्वाकांक्षा होती है। वह पहले भी इतिहास की किताबों में रहे हैं और भविष्य में भी रहेंगे।’शिवकुमार ने देवरराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़कर सिद्धरमैया के कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का जिक्र करते हुए यह बात कही।
'वह गांव की पृष्ठभूमि से उठकर इस पद तक पहुंचे हैं'
अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में अटकलों पर, शिवकुमार ने कहा कि वह गांव की पृष्ठभूमि से उठकर इस पद तक पहुंचे हैं। कर्नाटक में शीर्ष पद को लेकर सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच गतिरोध नवंबर के मध्य में तब तेज हो गया था, जब कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया था। ऐसी खबरें थीं कि मई 2023 में जब कांग्रेस राज्य में सत्ता में आई थी, तब एक समझौता हुआ था कि सिद्धरमैया और शिवकुमार बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालेंगे।
2023 में सीएम बने सिद्दारमैया
बढ़ते अंदरूनी टकराव के बीच, कांग्रेस आलाकमान ने हस्तक्षेप किया और दिसंबर में दोनों नेताओं ने नाश्ते पर मिलकर एकजुटता दिखाई। सिद्दारमैया कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद वे राज्य के मुख्यमंत्री बने। डीके शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और चुनाव में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। वे भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व (हाईकमान) को दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ा। शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस आलाकमान ने ढाई-ढाई साल सीएम पद का वादा किया था लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।