आवारा कुत्तों पर SC ने फिर सख्ती दिखाई है। तस्वीर-PTI
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों समेत सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को निर्धारित डॉग शेल्टर्स में स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अवारा कुत्तों को वापस उसी जगह पर नहीं छोड़ा जाए, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। SC ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशों की भी पुष्टि की जाए कि PWD नगरपालिका प्राधिकरण, सड़क और परिवहन प्राधिकरण राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से मवेशियों को हटाकर तुरंत उन्हें आश्रय स्थलों में पुनर्वासित किया गया है कि नहीं। कोर्ट ने अपने इस आदेश को दो महीने के भीतर लागू करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू होना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने अपने निर्देश में आगे कहा कि प्रत्येक अथॉरिटी, राजमार्गों और अन्य एक्सप्रेसवे पर आवारा मवेशियों की सूचना देने के लिए हाईवे अथॉरिटी गश्ती दल का गठन करेगा। सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की उपस्थिति की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर होंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। यही नहीं प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अदालत के निर्देशों और अमाइकस की रिपोर्ट का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक हलफनामे दायर करेंगे। आवारा कुत्तों के मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अमाईकस प्रस्तुत रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया जाए और यह SC के आदेश का हिस्सा होगी।
इससे पहले अगस्त 2025 में आवारा कुत्तों से संबंधित अपने पहले के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन किया। अपने नए फैसले में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें उनके मूल स्थानों पर वापस छोड़ने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश पूरे देश में लागू होगा और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने के लिए अलग फीडिंग जोन बनाए जाएंगे। एससी ने कहा कि केवल वे कुत्ते ही शेल्टर होम में रखे जाएंगे जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार दिखाते हैं।
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