1 दिसंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र। तस्वीर-PTI
ParliamentWinter session: आगामी एक दिसंबर से शुरू होने वाला संसद का शीतकालीन सत्र इस बार काफी गर्म रहने वाला है। सरकार जहां लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पहले से तय कर चुका है। संकेत हैं कि बहस और कार्यवाही दोनों में SIR छाया रहेगा। सूत्रों का कहना है कि इस सत्र में 10 नए विधेयक पेश हो सकते हैं।
लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, इस बार कुल 10 नए बिल पेश हो सकते हैं। इनमें सबसे अधिक चर्चा एटॉमिक एनर्जी बिल की है, जिसे परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।
अब तक परमाणु संयंत्रों का निर्माण और संचालन पूरी तरह सरकारी कंपनियों के हाथ में था, लेकिन नए प्रावधान निजी—भारतीय और विदेशी—कंपनियों को भी न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की अनुमति देंगे। इससे निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
UGC–AICTE–NCTE खत्म कर बनाया जाएगा एकल नियामक,सरकार हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी पेश करेगी। यह बिल UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर एक केंद्रीकृत नियामक संस्था के गठन का मार्ग बनाएगा। सरकार का दावा है कि इससे विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी बनेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट सुधारों के लिए भी विधेयक लाया जा सकता है।
इस सत्र में नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान और तेज करना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में हो रही देरी को रोका जा सके।
इसके अलावा सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल SEBI ऐक्ट, डिपॉजिटरी ऐक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स ऐक्ट को एकीकृत रूप में पेश करेगा।
सरकार 131वां संविधान संशोधन भी लाने जा रही है, जिसके तहत चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के दायरे में शामिल किया जाएगा। यह प्रावधान पहले से ही राजनीतिक विवाद का मुद्दा बना हुआ है। इसके अलावा, कंपनियों और व्यक्तियों के बीच विवादों के तेज निपटारे के लिए मध्यस्थता कानून में संशोधन का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 15 बैठकें होंगी। इससे पहले मानसून सत्र SIR विवाद के कारण बार-बार बाधित हुआ था। लोकसभा व राज्यसभा में बड़ी मात्रा में कार्यवाही प्रभावित रही, हालांकि दोनों सदनों ने मिलकर 27 बिल पास किए थे। सत्र की शुरुआत में ही राज्यसभा के उपसभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद SIR विवाद और गहराया।
I.N.D.I.A. गठबंधन पहले ही संकेत दे चुका है कि शीतकालीन सत्र के दौरान नोटिस दिया जा सकता है। यह विवाद विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और CEC ने उनसे या तो आरोपों पर हलफनामा देने या सार्वजनिक माफी मांगने को कहा।
सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में विधायी एजेंडा साझा किया जाएगा और सरकार विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील करेगी।
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