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शीतकालीन सत्र में ‘SIR’ हावी रहने के आसार; सरकार पेश करेगी 10 बड़े बिल, 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक

शीतकालीन सत्र में ‘SIR’ का प्रभाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि सरकार इस बार 10 बड़े विधेयक पेश करने की तैयारी में है। महत्त्वपूर्ण एजेंडे पर सहमति बनाने के लिए 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। विपक्ष भी रणनीति के साथ सत्र में उतरने की तैयारी कर रहा है, जिससे संसद में तीखी राजनीतिक चर्चा के आसार हैं।

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1 दिसंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र। तस्वीर-PTI

ParliamentWinter session: आगामी एक दिसंबर से शुरू होने वाला संसद का शीतकालीन सत्र इस बार काफी गर्म रहने वाला है। सरकार जहां लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पहले से तय कर चुका है। संकेत हैं कि बहस और कार्यवाही दोनों में SIR छाया रहेगा। सूत्रों का कहना है कि इस सत्र में 10 नए विधेयक पेश हो सकते हैं।

एटॉमिक एनर्जी बिल सबसे केंद्र में

लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, इस बार कुल 10 नए बिल पेश हो सकते हैं। इनमें सबसे अधिक चर्चा एटॉमिक एनर्जी बिल की है, जिसे परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।

निजी क्षेत्र को मिलेगा न्यूक्लियर प्लांट लगाने का मौका

अब तक परमाणु संयंत्रों का निर्माण और संचालन पूरी तरह सरकारी कंपनियों के हाथ में था, लेकिन नए प्रावधान निजी—भारतीय और विदेशी—कंपनियों को भी न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की अनुमति देंगे। इससे निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव

UGC–AICTE–NCTE खत्म कर बनाया जाएगा एकल नियामक,सरकार हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी पेश करेगी। यह बिल UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर एक केंद्रीकृत नियामक संस्था के गठन का मार्ग बनाएगा। सरकार का दावा है कि इससे विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी बनेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट सुधारों के लिए भी विधेयक लाया जा सकता है।

हाईवे संशोधन बिल से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सरल होगी

इस सत्र में नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान और तेज करना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में हो रही देरी को रोका जा सके।

कॉरपोरेट कानून और सिक्योरिटीज मार्केट में बड़े सुधार

साथ ही कॉरपोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 के जरिए कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में संशोधन कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की तैयारी है।

इसके अलावा सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल SEBI ऐक्ट, डिपॉजिटरी ऐक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स ऐक्ट को एकीकृत रूप में पेश करेगा।

131वां संविधान संशोधन बना विवाद का विषय

सरकार 131वां संविधान संशोधन भी लाने जा रही है, जिसके तहत चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के दायरे में शामिल किया जाएगा। यह प्रावधान पहले से ही राजनीतिक विवाद का मुद्दा बना हुआ है। इसके अलावा, कंपनियों और व्यक्तियों के बीच विवादों के तेज निपटारे के लिए मध्यस्थता कानून में संशोधन का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।

1 से 19 दिसंबर तक चलेगा सत्र

शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 15 बैठकें होंगी। इससे पहले मानसून सत्र SIR विवाद के कारण बार-बार बाधित हुआ था। लोकसभा व राज्यसभा में बड़ी मात्रा में कार्यवाही प्रभावित रही, हालांकि दोनों सदनों ने मिलकर 27 बिल पास किए थे। सत्र की शुरुआत में ही राज्यसभा के उपसभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद SIR विवाद और गहराया।

CEC पर संभावित महाभियोग से बढ़ सकता है तनाव

I.N.D.I.A. गठबंधन सत्र में नोटिस दे सकता है। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संभावित महाभियोग प्रक्रिया चलाने का मुद्दा मुखर हो रहा है।

I.N.D.I.A. गठबंधन पहले ही संकेत दे चुका है कि शीतकालीन सत्र के दौरान नोटिस दिया जा सकता है। यह विवाद विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और CEC ने उनसे या तो आरोपों पर हलफनामा देने या सार्वजनिक माफी मांगने को कहा।

30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक

सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में विधायी एजेंडा साझा किया जाएगा और सरकार विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील करेगी।

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हिमांशु तिवारी
हिमांशु तिवारी Author

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था... और देखें

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