प्रधानमंत्री मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और उत्तरायण के अवसर पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Jan 14, 2026, 11:49 AM IST
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा- संक्रांति का यह पवित्र अवसर देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। मैं भगवान सूर्य से सभी की खुशी, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।
पीएम मोदी ने दीं मकर संक्रांति की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मकर संक्रांति फसल उत्सव है जो देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है। मकर संक्रांति मकर राशि में सूर्य के प्रवेश का प्रतीक है और इसे मध्य शीतकाल के फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
यह त्योहार आपके जीवन को खुशियों से भर दे
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा- संक्रांति का यह पवित्र अवसर देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। मैं भगवान सूर्य से सभी की खुशी, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं। उत्तरायण के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं! मकर संक्रांति का यह पवित्र त्योहार आपके जीवन को खुशियों से भर दे और सभी को अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली का आशीर्वाद मिले। यह आनंदमय उत्सव एकता के बंधन को मजबूत करे और सभी के लिए समृद्धि और सकारात्मकता लाए।
माघ बिहू के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं
पीएम मोदी ने असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मनाए जाने वाले माघ बिहू के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, माघ बिहू फसल की समृद्धि, खुशहाली और एकता का उत्सव है। यह त्योहार हर घर में समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशियां लाए। कृतज्ञता और सद्भाव की भावना हमें उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर करती रहे।
अब वैश्विक पर्व बन गया है पोंगल : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कहा कि पोंगल अब वैश्विक पर्व बन गया है और तमिल संस्कृति देश की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की साझा विरासत है।
मोदी ने कहा कि पोंगल लोगों को सिखाता है कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा भी होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में कहा, आज पोंगल वैश्विक पर्व बन गया है। पिछले साल, मुझे तमिल संस्कृति से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला, जो न केवल भारत की बल्कि पूरे विश्व की साझा विरासत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति में किसान को जीवन का आधार माना जाता है। उन्होंने कहा, तिरुक्कुरल (तमिल काव्य) में कृषि और किसानों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है।
मोदी ने कहा कि पोंगल लोगों को प्रकृति के प्रति सम्मान को जीवन शैली में शामिल करने के लिए प्रेरित करता है। इससे पहले तमिलनाडु के लोगों और दुनिया भर में रह रहे तमिल समुदाय के लोगों को पोंगल पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने तमिल और अंग्रेजी भाषा में लिखे एक पत्र में कहा कि पोंगल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है जो अपने परिश्रम से हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं।
मानव श्रम और प्रकृति के बीच घनिष्ठ संबंध की याद दिलाता है पर्व
उन्होंने कहा, प्रिय देशवासियों, नमस्कार! पोंगल के शुभ अवसर पर मैं आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह विशेष त्योहार हमें मानव श्रम और प्रकृति के बीच घनिष्ठ संबंध की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार कृषि, मेहनतकश किसानों, ग्रामीण जीवन और काम की गरिमा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि परिवार पारंपरिक व्यंजन बनाने और खुशी साझा करने के लिए एक साथ आते हैं, इससे संबंध मजबूत होते हैं और एकजुटता की भावना प्रबल होती है। उन्होंने कहा, हमें इस बात पर गर्व है कि विश्व की सबसे प्राचीन भाषा, तमिल का जन्म हमारे देश में हुआ। पोंगल को एक वैश्विक त्योहार के रूप में उभरते देखना खुशी की बात है। तमिलनाडु में, भारत के विभिन्न हिस्सों में और विश्व भर में रह रहे तमिल समुदाय के लोग इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, आप सभी को एक बार फिर पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं। यह त्योहार सभी के जीवन में समृद्धि, सफलता और अच्छा स्वास्थ्य लाए।
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