केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि विपक्ष के नेता के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग विभागों के सचिवों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इसमें उन सभी लंबित विधेयकों की जांच की जाएगी जिन्हें पारित किया जाना है।
Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार कई अहम बिल पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में सत्र ठीक तरह से चले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट न चढ़े, इसके लिए सरकार ने सभी दलों को एक साथ लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। इस बैठक के जरिए सरकार की कोशिश होगी कि वह शीतकालीन सत्र की कार्यवाही सही ढंग से और शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए सहमति बना सके।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि विपक्ष के नेता के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग विभागों के सचिवों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इसमें उन सभी लंबित विधेयकों की जांच की जाएगी जिन्हें पारित किया जाना है। इसके बाद एक सर्वदलीय बैठक होगी जहां हम विपक्ष के नेता के साथ विधेयकों की सूची साझा करेंगे। फिर हम विपक्षी नेताओं के सुझावों के अनुसार रणनीति बनाएंगे।
1 से 19 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र
किरेन रिजिजू ने बताया था कि संसद का आगामी शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तारीखों पर सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी हैं। इस बार शीतकालीन सत्र के दौरान 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी। 5 और 19 दिसंबर को निजी सदस्यों के विधेयकों पर और 12 दिसंबर को निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
कई अहम बिल पेश करने की तैयारी में सरकार
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार 10 नए विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल और सड़कों, कंपनियों और बाजार से जुड़े कुछ अहम संशोधन विधेयक शामिल हैं। जिन विधेयकों में संसोधन किया जाना है उनमें नेशनल हाईवेज (संसोधन) बिल, कॉरपोरेट लॉज (संसोधन) बिल, 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (एसएमसी) बिल, 2025 शामिल हैं। वहीं, सरकार इस सत्र में मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में भी बदलाव करने की तैयारी में है।
चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के तहत शामिल किए जाने की अटकलों पर गृह मंत्रालय की सफाई
इस बीच, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025 के तहत चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के तहत शामिल किए जाने की अटकलों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए केंद्र सरकार की कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से प्रस्ताव अभी भी विचाराधीन है। इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था अप्रभावित रहेगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह प्रस्ताव किसी भी तरह से चंडीगढ़ के शासन या प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करने का प्रयास नहीं करता है। साथ ही न ही इसका चंडीगढ़ और पंजाब या हरियाणा राज्यों के बीच पारंपरिक व्यवस्था को संशोधित करने का इरादा है। मंत्रालय ने आगे कहा कि इस मामले पर कोई भी निर्णय सभी हितधारकों के साथ पर्याप्त वार्ता के बाद ही लिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चंडीगढ़ के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाए। गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार का संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इस प्रस्ताव से संबंधित कोई विधेयक पेश करने का कोई इरादा नहीं है।
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