Maharashtra Poll Result 2019 : महाराष्ट्र में BJP फिर साबित हुई 'बड़ा भाई', शिवसेना रहेगी 'जूनियर पार्टनर' 

BJP-Shicsena alliance in Maharashtra : महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनने में कोई अवरोध नहीं दिख रहा है। यह गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा हासिल करता दिख रहा है।

BJP 'Big Brother'in in Maharashtra, Shiv Sena to be remain junior partner
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2019।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • भाजपा-शिवसेना ने पार किया बहुमत का आंकड़ा, महाराष्ट्र में फिर फड़णवीस सरकार
  • गठबंधन सरकार में 'जूनियर पार्टनर' बनी रहेगी शिवसेना, भाजपा का प्रदर्शन इस बार भी बेहतर
  • 2014 में भाजपा और शिवसेना ने अलग-अलग लड़ा था चुनाव, इस बार हैं साथ

नई दिल्ली : महाराष्ट्र (Maharashta Poll Result 2019) की चुनावी तस्वीर करीब-करीब साफ हो गई है। अब तक आए चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना गठबंधन (BJP-Shivsena alliance) को 166 सीटें मिल रही हैं जबकि कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के खाते में 90 सीटें और अन्य को 32 सीटें मिलती दिख रही हैं। ये रुझान यदि हकीकत में तब्दील हुए तो महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार बनाने में सफल हो जएगा। महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं और यहां सरकार बनाने के लिए 145 सीटों की जरूरत होती है। 

एग्जिट पोल्स में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बड़ी जीत का अनुमान जताया गया लेकिन यह गठबंधन उस तरह की बड़ी जीत दर्द करता नहीं दिख रहा है। इस लिहाज से देखें तो महाराष्ट्र में भाजपा को उतनी सफलता नहीं मिल रही है जितना कि भविष्यवाणी की गई थी। फिलहाल रुझान हकीकत में यदि बदलते हैं तो यह बात भी एक तरह से साबित हो जाएगी कि महाराष्ट्र में भाजपा का दर्जा 'बड़े भाई' और शिवसेना की भूमिका गठबंधन सरकार में 'जूनियर पार्टनर' की रहेगी।

महाराष्ट्र में शिवसेना को भाजपा का 'जूनियर पार्टनर' कहलाना पसंद नहीं है। वह गठबंधन में 'बड़े भाई' का दर्जा पाना चाहती है। इसके लिए चुनाव से पहले शिवसेना ने भाजपा पर ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने का दबाव बनाया। इसके बाद दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे पर एक व्यापक सहमति बनी। इस सहमति के तहत भाजपा को 164 सीटें और शिवसेना को 124 सीटें मिलीं। हालांकि भाजपा को अपने खाते से रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया सहित गठबंधन के अन्य सहयोगियों के लिए 14 सीटें छोड़नी पड़ीं। 

पिछले विधानसभा चुनावों की अगर बात करें तो भाजपा और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 260 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिनमें से वह 122 सीटों पर विजयी हुई। जबकि शिवसेना ने 282 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और उसे 63 सीटों पर जीत मिली। 2014 में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं होने से शिवसेना को झटका लगा। 

2019 के लोकसभा चुनावों की अगर बात करें तो भाजपा और शिवसेना दोनों ने करीब-करीब बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा। भाजपा ने लोकसभा की 25 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसमें से 23 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि शिव सेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा और वह 23 सीटों पर विजयी हुई। इस तरह से लोकसभा चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन शिवसेना से बेहतर रहा। जाहिर है कि शिवसेना को यदि महाराष्ट्र में 'बड़ा भाई' कहलाना है तो उसे ज्यादा सीटें या भाजपा के बराबर सीटें जीतनी होंगी।   
 

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