भारत की ओर से आमंत्रित किए गए वक्ता जे. साईं दीपक। फोटो- x/@jsaideepak
ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में होने वाली बहुचर्चित डिबेट के रद्द होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। दरअसल, इस डिबेट में दोनों देशों के वक्ताओं के बीच 'India’s Policy Towards Pakistan is a Populist Strategy Sold as Security Policy' विषय पर डिबेट होनी थी, लेकिन एकदम आखिरी क्षणों में पाकिस्तानी पक्ष के डिबेट से हटने के कारण बहस को रद्द कर दिया गया। बावजूद इसके पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के सामने अपनी शेखी बघारने और डिबेट रद्द होने का ठीकरा भारत के सिर फोड़ने की कोशिश की। उसने दावा किया कि भारतीय वक्ता बहस के लिए उपलब्ध ही नहीं थे। पाकिस्तान ने कहा कि भारतीय वक्ता बहस से हट गए। जिसके बाद भारत की ओर से आमंत्रित किए गए वक्ता जे. साईं दीपक ने सबूतों के साथ पाकिस्तान के इस दावे की पोल खोल दी है। उन्होंने पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करते हुए कहा कि वे समय से लंदन में बहस के लिए उपलब्ध थे और डिबेट के लिए पूरी तरह से तैयार थे।
इस बहस में साई दीपक के साथ शामिल होने के लिए जिन भारतीय वक्ताओं के नाम बताए गए थे उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और सुब्रमण्यम स्वामी और सचिन पायलट का नाम शामिल था। हालांकि बाद में ऑक्सफोर्ड यूनियन ने साई दीपक को ईमेल कर कहा कि अन्य तीनों सदस्यों ने आने के लिए मना कर दिया है। साथ ही उन्होंने साई से अन्य वक्ताओं के नाम सुझाने के लिए कहा। साई दीपक ने पिछले महीने ऑक्सफोर्ड यूनियन से प्राप्त एक ईमेल भी पोस्ट किया था जिसमें 27 नवंबर के कार्यक्रम में उनकी भागीदारी की पुष्टि की गई थी।
आगे साई दीपक ने कहा कि जब तक मैं यूनियन के पास कोई विकल्प लेकर पहुंचता उससे पहले ही फोन करके मुझसे कहा गया कि उन्होंने सुहेल सेठ और प्रिंयका चतुर्वेदी से संपर्क किया है। और उन दोनों ने डिबेट में शामिल होने को लेकर पुष्टि कर दी है। जिसके बाद मुझे लगा कि चीजें यहीं खत्म हो गईं हैं। हालांकि इसके बाद एक बार फिर यूनियन द्वारा साई दीपक को बताया गया कि दोनों (सुहेल सेठ और प्रिंयका चतुर्वेदी) ने शॉर्ट नोटिस पर आने से मना कर दिया है।
वहीं, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने एक पोस्ट में बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनियन ने वास्तव में जुलाई में उनसे संपर्क किया था और उन्होंने इस शर्त पर उनका निमंत्रण स्वीकार किया था कि यह किसी भी संसद सत्र से नहीं टकराएगा। इसके बाद उन्होंने कोई संपर्क नहीं किया। फिर अचानक बहस से दो दिन पहले, 25 नवंबर को ईमेल भेजकर मुझसे बहस में शामिल होने की पुष्टि मांगी। इस पर मैंने उनके गैर पेशेवर रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए इसमें शामिल होने से मना कर दिया।
इन सब बातों के बावजूद साई दीपक लंदन गए और वहां उन्होंने अपने साथ बहस के लिए ब्रिटेन में रहने वाले मनु खजूरिया और पंडिच सतीश के शर्मा को राजी किया। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन को इस बारे में जानकारी भी दी, लेकिन बहस से मात्र तीन घंटे पहले यूनियन ने फोन करके बताया कि पाकिस्तानी पक्ष लंदन नहीं पहुंचा है, इस कारण डिबेट रद्द कर दी गई है। साई दीपक ने बताया कि उन्होने इसे लेकर नाराजगी जताई। गौरतलब है कि दीपक ने एक्स थ्रेड पर कॉल डिटेल भी शेयर किया है, जिससे साफ होता है कि डिबेट के आयोजक मूसा हरराज ने उन्हें फोन किया था, जो आखिरी वक्त में डिबेट रद्द होने को लेकर उनसे माफी मांग रहे थे।
वहीं, बहस के रद्द होते ही पाकिस्तान उच्चायोग, लंदन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारतीय वक्ता आखिरी मिनट पर पीछे हट गए। जिसके कारण आयोजकों को कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। बहस रद्द होने के बाद ऑक्सफोर्ड यूनियन की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।
वहीं, बाद में साई दीपक ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के प्रेसीडेंट और पाकिस्तानी मंत्री के बेटे के दावे की पोल भी खोल दी। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला कि पाकिस्तानी टीम लंदन में ही थी और वहीं के एक होटल में ठहरी हुई थी। उन्होंने पाकिस्तान को चुनौती दी कि अगर पाकिस्तान की टीम बहस के लिए तैयार है तो सामने आए। चोरों की तरह छिपने की जरूरत नहीं है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
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