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I-PAC ED Raid: पश्चिम बंगाल में ED ने अपने बयान में लगाये ममता बनर्जी पर 'बड़े आरोप'

ED Raids IPAC Office: जांच में सामने आया है कि अनुप माजी के नेतृत्व में चल रहा कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल में ईसीएल (ECL) के लीजहोल्ड इलाकों से कोयले की चोरी और अवैध खनन करता था।

ED Raids IPAC Office

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो:PTI)

ED Raids IPAC Office: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह कार्रवाई CBI कोलकाता की एफआईआर संख्या RC0102020A0022 (दिनांक 27.11.2020) के आधार पर की गई है, जो अनुप माजी और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी। इसी मामले में ईडी ने 28.11.2020 को ईसीआईआर दर्ज की थी।

जांच में सामने आया है कि अनुप माजी के नेतृत्व में चल रहा कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल में ईसीएल (ECL) के लीजहोल्ड इलाकों से कोयले की चोरी और अवैध खनन करता था। इसके बाद इस कोयले को बांकुड़ा, बर्धमान, पुरुलिया और राज्य के अन्य जिलों में स्थित फैक्ट्रियों और प्लांट्स को बेचा जाता था।

'इस अवैध कोयले का बड़ा हिस्सा शकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनियों को बेचा गया'

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि इस अवैध कोयले का बड़ा हिस्सा शकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनियों को बेचा गया। इसके साथ ही मामले में हवाला नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं। कई लोगों के बयानों और अन्य सबूतों से हवाला लेन-देन की पुष्टि हुई है। जांच में यह सामने आया कि कोयला तस्करी से हासिल काले धन को सफेद करने के लिए एक हवाला ऑपरेटर के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन किए गए, जिनका संबंध इंडियन पैक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (I-PAC) से बताया जा रहा है। I-PAC भी उन संस्थाओं में शामिल है, जिनका नाम हवाला मनी से जुड़कर सामने आया है।

ईडी ने पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर सर्च किया

आज की कार्रवाई के दौरान ईडी ने पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर सर्च किया। सर्च के दौरान दक्षिण कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और सरानी थाने के प्रभारी एक पुलिसकर्मी के साथ एक परिसर में पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों की पहचान की पुष्टि की। इसके कुछ देर बाद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर भी अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचे। ईडी के अधिकृत अधिकारी ने उन्हें पूरी कार्रवाई की जानकारी दी और अपना पहचान पत्र भी दिखाया।

ममता बनर्जी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं

ईडी के अनुसार, कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी, लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं। आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के आवास में प्रवेश कर वहां से अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले लिए।

कथित तौर पर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा लिए गए

इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला I-PAC के कार्यालय पहुंचा, जहां से भी मुख्यमंत्री, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा लिए गए। ईडी का कहना है कि इन घटनाओं के कारण मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई में बाधा पहुंची है।

'यह सर्च पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है'

ईडी ने यह भी साफ किया है कि यह सर्च पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य किसी भी राजनीतिक दल या राजनीतिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं है। किसी भी पार्टी कार्यालय पर छापा नहीं मारा गया है और न ही इस कार्रवाई का किसी चुनाव से कोई लेना-देना है। यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित अभियान का हिस्सा है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों के तहत की जा रही है।

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अनुज मिश्रा
अनुज मिश्रा author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

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