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PM Modi Farm Laws Repeal Updates: विपक्षी दलों ने कहा- चुनावों में हार के डर से 3 कृषि कानूनों को रद्द करने का हुआ ऐलान

PM Modi 3 Farm Laws Repeal News, PM Modi Speech Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा की। गुरु नानक देव की जयंती प्रकाश पर्व के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। इस अहम फैसले की घोषणा करते समय प्रधानमंत्री ने कहा कि कानूनों के जिन प्रावधानों पर किसानों को आपत्ति थी, उन पर सरकार ने किसानों को समझाने की कोशिश की। पीएम ने कहा कि शायद उन्हें समझाने में शायद सरकार की तरफ से ही कोई कमी रह गई।
PM Modi 3 Farm Laws Repeal Live News
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला।

PM Modi 3 Farm Laws Repeal News, PM Modi Speech Hindi News, Krishi kanoon Bill 2021 News: पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से यह कहना चाहूंगा कि शायद हमारी तपस्या में कमी रही होगी कि हम किसान भाइयों को समझा नहीं पाए। आज प्रकाश पर्व है, यह समय किसी को दोष देने का नहीं है। मैं यह बताने आया हूं कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। 'पीएम मोदी ने कृषि कानूनों का विरोध करने वाले और धरने पर बैठे किसानों को वापस घर जाने की अपील की। कृषि कानूनों के इस फैसले पर राजनीतिक एवं किसान संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। 

PM Modi 3 Farm Laws Repeal News, PM Modi Speech Updates:
 

Nov 19, 2021  |  11:32 PM (IST)
'चुनावों में हार के डर से 3 कृषि कानूनों को रद्द करने का हुआ ऐलान'

देश के प्रमुख विपक्षी दलों ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा को किसानों की जीत करार देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से केंद्र सरकार यह फैसला करने को विवश हुई। दूसरी तरफ, बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनेता की तरह लिए गए इस फैसले की सराहना की और कहा कि इससे पूरे देश में भाईचारे का माहौल बनेगा।

Nov 19, 2021  |  09:48 PM (IST)
किसानों की जीत पूंजीवादी एजेंडे को लागू करने की रणनीति को बड़ा झटका
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि किसानों की जीत संघ परिवार की सांप्रदायिकता के माध्यम से जनता को विभाजित करने और पूंजीवादी एजेंडे को लागू करने की रणनीति को बड़ा झटका है। यह संघर्ष लोगों को एक ऐसी दुनिया के सपने को थामने के लिए ऊर्जा देता है जहां समानता और भाईचारा अहम भूमिका निभाता है।
Nov 19, 2021  |  09:09 PM (IST)
दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गाजीपुर में किसानों ने मनाई गुरु नानक जयंती
दिल्ली-यूपी सीमा पर गाजीपुर में किसानों ने गुरु नानक जयंती मनाई।
Nov 19, 2021  |  08:39 PM (IST)
व्यापक जनहित तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा कीः खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा की शुक्रवार को प्रशंसा की और किसानों से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ये कानून किसानों के, खासकर छोटे एवं वंचित किसानों के फायदे के लिए लाया था, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ किसान संघ दिल्ली की सीमाओं पर इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। खट्टर ने कहा कि आज, नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर व्यापक जनहित को चुनते हुए इन कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की। हालांकि, इन कानूनों के आने के बाद से ही, कई किसानों ने इन्हें अपने लिए लाभकारी माना और केंद्र सरकार की प्रशंसा की थी।
 

Nov 19, 2021  |  07:32 PM (IST)
तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की पीएम की घोषणा, बहुत देर से, बहुत कम है- एटक

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) ने प्रधानमंत्री की घोषणा को ‘बहुत देर से, बहुत कम’ करार दिया है। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कृषि कानूनों की वापसी के फैसले को किसानों की आधी जीत बताते हुए कहा कि खेती के कंपनीकरण, अनुबंध खेती को कानूनी जामे एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की समाप्ति पर तीनों कृषि कानूनों की वापसी से रास्ता बंद हो जाएगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करने की सरकारी मंशा को भी इन कानूनों को वापस लिए जाने के फैसले के बाद धक्का लगेगा। उधर, एटक ने कहा कि यह मानते हुए कि कृषि कानूनों की वापसी का वायदा कोई चुनावी जुमला नहीं है, और वास्तव में एक सुधारात्मक कदम है, लेकिन फिर भी इसमें बिजली (संशोधन) विधेयक और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी जैसे मुद्दों को छोड़ दिया गया है जिसकी किसान शुरू से ही मांग करते रहे हैं।

Nov 19, 2021  |  05:56 PM (IST)
किसानों के खिलाफ रची गई साजिश की हार हुई- सोनिया गांधी

कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोगों द्वारा किसानों और मजदूरों के खिलाफ रची गई साजिश हार गई है और तानाशाह शासकों का अहंकार भी। आज रोजी-रोटी और खेती पर हमला करने की साजिश को परास्त कर दिया गया है। आज अन्नदाता की जीत हुई है।लोकतंत्र में कोई भी निर्णय प्रत्येक हितधारक से बातचीत और विपक्ष के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि मोदी सरकार ने भविष्य के लिए कम से कम कुछ तो सीखा होगा।

Nov 19, 2021  |  05:31 PM (IST)
' शनिवार को कांग्रेस मनाएगी किसान विजय दिवस'

3 कृषि कानूनों के निरस्त किए जाने पर कांग्रेस कल देश भर में 'किसान विजय दिवस' मनाएगी "त्रुटिपूर्ण फैसलों के खिलाफ किसानों की लगातार और उत्साही लड़ाई की मान्यता"; राज्य इकाइयों से किसान विजय रैलियां/किसान विजय सभा आयोजित करने को कहा है।

Nov 19, 2021  |  05:01 PM (IST)
'अब क्या हो गया कि केंद्र सरकार ने कृषि कानून वापस लिया'

पंजाब के डिप्टी सीएम एसएस रंधावा ने केंद्र सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि  बीजेपी के लिए पहले तो कृषि कानून किसानों के लिए अच्छे थे फिर उन्होंने अब इन कानूनों को क्यों वापस ले लिया है? उन्हें इस फैसले के पीछे का कारण बताना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में शहीद हुए किसानों के परिवारों से केंद्र सरकार माफी मांगे। 

Nov 19, 2021  |  04:51 PM (IST)
'बलिदान रंग लाया, सत्य और अहिंसा की जीत हुई'

 कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आज 700 से अधिक किसान परिवारों, जिनके सदस्यों ने न्याय के लिए इस संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी, का बलिदान रंग लाया है। आज सत्य, न्याय और अहिंसा की जीत हुई है।

Nov 19, 2021  |  04:39 PM (IST)
'केंद्र के निर्णय से साफ, बिना चर्चा लागू किए गए कृषि कानून'

एनसीपी मुखिया शरद पवार ने कृषि कानूनों का निरस्त किये जाने पर कहा कि वो 10 साल तक केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में, मैंने कृषि के मुद्दे पर यह प्रतिबद्धता की थी जो राज्य का विषय है, सभी हितधारकों को विश्वास में लिए बिना, कृषि कानूनों से संबंधित कोई भी नया उपाय लाना सही नहीं था।मैंने खुद सभी राज्य के कृषि मंत्रियों से सलाह मांगी थी लेकिन इस सरकार ने बिना चर्चा के तीन कृषि कानूनों को लागू किया।जैसे-जैसे यूपी, पंजाब के चुनाव नजदीक आए और हरियाणा, पंजाब में लोगों ने बीजेपी का बहिष्कार करना शुरू कर दिया, उन्होंने #FarmLaws को निरस्त करने का यह फैसला लिया। हम यह नहीं भूल सकते कि इस सरकार के कारण किसान 1 साल तक धरने पर बैठने को मजबूर हुए।

Nov 19, 2021  |  03:43 PM (IST)
'वैधानिक तौर पर कृषि कानून वापस लेते ही चले जाएंगे'

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता ने कहा कि 750 किसानों के मरने के बाद सरकार जागी। आखिर तीनों कृषि कानूनों को कहां वापस लिया गया है। पेपर कहां है, आप पेपर दिखाए..हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। जब कृषि कानूनों को वैधानिक तौर पर वापस लिया जाएगा हम वापस हो जाएंगे। 

Nov 19, 2021  |  03:25 PM (IST)
अब सभी लोग मिलजुल कर आगे बढ़ें

हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर ने कहा कि मैं सभी से कृषि कानूनों के मुद्दे पर परस्पर आगे बढ़ने की अपील करता हूं। जहां तक एमएसपी का सवाल है, चूंकि यह किसानों का सुझाव है, पीएम ने घोषणा की है कि इस मामले पर फैसला लेने के लिए किसानों, राज्यों, केंद्र की एक समिति बनाई जाएगी।

Nov 19, 2021  |  03:05 PM (IST)
अब किसानों को भी समझने की जरूरत

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पीएम मोदी ने खुद कहा है कि वह किसानों को इसका फायदा नहीं समझने दे सकते। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम किसानों को लाभ समझें और बेहतर तरीके से फिर से पेश करें। 350 दिनों से अधिक समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने आज यह फैसला लिया। हम इसका स्वागत करते हैं। मैं चाहता हूं कि भविष्य के पाठ्यक्रम में भी कृषक समुदाय के साथ अधिक परामर्श किया जाए और किसानों को बेहतर लाभ कैसे दिया जा सकता है।

Nov 19, 2021  |  02:44 PM (IST)
पीएम ने गलती मानी अब पंजाब को माफ कर देना चाहिए-नवजोत सिंह सिद्धू

पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि गुरु नानक जयंती पर पीएम ने अपनी गलती स्वीकार की। पंजाब को माफ कर देना चाहिए क्योंकि एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। इस जीत का श्रेय किसी को भी लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, यह सब एसकेएम के सत्याग्रह को जाता है। उन्हें बदनाम करने के प्रयास किए गए लेकिन वे डटे रहे।

Nov 19, 2021  |  02:24 PM (IST)
अब किसानों के बैठने का फायदा क्या-अमरिंदर सिंह

कैप्टन अमरिंदर सिंह से जब पूछा गया कि किसान अब भी धरने पर बैठे हैं तो उन्होंने कहा कि पीएम ने माफी मांगी अब सवाल यह है कि सदन की बैठक कब होगी। अब से 29 नवंबर-10 दिन बाद इसकी बैठक होगी, विधेयक लाया जाएगा और कानून निरस्त किए जाएंगे। बात वहीं खत्म हो जाएगी, तो अब बैठने का क्या फायदा।

Nov 19, 2021  |  02:16 PM (IST)
पंजाब की वजह से कृषि कानून निरस्त किए गए-अमरिंदर सिंह

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की अपनी कृषि होती है। एपीएमसी अधिनियम जैसे कानून केवल पंजाब और शायद हरियाणा पर लागू थे। अन्य राज्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पंजाब ने अधिक प्रतिक्रिया व्यक्त की क्योंकि इसका राज्य पर अधिक प्रभाव पड़ता। इसलिए उन्होंने कानूनों को निरस्त कर दिया।मैं तीन महीने से कह रहा था। पंजाब के पूर्व सीएम और पूर्व कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से जब पूछा गया कि उनका अगला कदम क्या होगा, अगर उनकी पार्टी बीजेपी के साथ जाएगी मैंने कहा था कि किसानों का मुद्दा पहले आता है, उसके बाद ही हम आपके साथ सीट एडजस्टमेंट करेंगे।

Nov 19, 2021  |  01:52 PM (IST)
'मोदी सरकार की अहंकार की तृप्ति के लिए बनाए गए थे कानून'

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पहले दिन से विपक्ष कह रहा था कि तीनों कृषि कानून असंवैधानिक हैं। मोदी सरकार को ऐसे कानून बनाने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं था। ये कानून सिर्फ मोदी के अहंकार की तृप्ति के लिए बनाए गए थे। इन काले कानूनों के कारण 700 किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अगर उन्होंने अपने अहंकार और संविधान को अपने सामने रख दिया होता, तो ये कानून नहीं बनते और किसानों को मरने की जरूरत नहीं होती। देर से लिया गया फैसला है। मैंने हमेशा कहा है कि जब जनता विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरती है तो यह सरकार डर जाती है। यह सभी किसानों की जीत है।

Nov 19, 2021  |  01:35 PM (IST)
वोट के लिए कानून लिए गए वापस- अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसान माफ नहीं करेंगे और भाजपा का सफाया कर देंगे। वोट के लिए कानून वापस ले लिए गए हैं क्योंकि सरकार चुनावों से डरती है। क्या होगा अगर वे चुनाव के बाद ऐसे कानूनों को वापस लाते हैं? वे किसानों के बारे में नहीं सोच रहे हैं। हर स्तर पर उनका अपमान किया। क्या बीजेपी माफी मांगेगी ?

Nov 19, 2021  |  01:28 PM (IST)
कुछ किसानों को कृषि कानून का लाभ बताने में रहे विफल- कृषि मंत्री
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि  पीएम संसद से पारित 3 बिल लाए थे। इनसे किसानों को फायदा होता, इसके पीछे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने की पीएम की स्पष्ट मंशा थी। लेकिन मुझे दुख है कि हम देश के कुछ किसानों को लाभ बताने में विफल रहे। इन सुधारों से पीएम ने कृषि में बदलाव लाने की कोशिश की थी। लेकिन कुछ स्थितियों के कारण कुछ किसानों ने इसका विरोध किया। जब हमने चर्चा का रास्ता अपनाया और उन्हें समझाने की कोशिश की, तो हम सफल नहीं हो सके। इसलिए प्रकाश पर्व पर पीएम ने कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया। यह एक स्वागत योग्य कदम है।
Nov 19, 2021  |  01:03 PM (IST)
गृहमंत्री अमित शाह का खास ट्वीट
अमित शाह ने कहा कि सही मायनों में पीएम मोदी ही किसानों के हितैषी हैं।