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Farmers protest: सिंघू, औचंदी, प्याउ मनियारी और मंगेश बार्डर बंद, ट्रैफिक को किया गया डायवर्ट

Farmers protest : तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। दिल्ली सीमा प्रदर्शन कर रहे किसानों को धरना स्थल से हटाने के लिए दायर अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। शीर्ष अदालत ने का था कि किसानों के प्रदर्शन में कटौती में नहीं कर सकती लेकिन लोगों के अधिकारों के साथ उसका संतुलन होना चाहिए।
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तस्वीर साभार:  PTI
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी

किसान संगठनों का कहना है कि इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बातचीत करें। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों का प्रदर्शन एवं सरकार से बातचीत साथ-साथ चलती रहेगी। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो बजे मध्य प्रदेश के किसानों को संबोधित किया था और कहा कि इस विषय पर विपक्ष भ्रम फैलाने से बाज आए।

Dec 19, 2020  |  12:03 AM (IST)
ट्रॉली टाइन्स समाचार पत्र लांच

स्वयंसेवकों का एक समूह सिंघू सीमा पर ‘ट्रॉली टाइम्स’ समाचार पत्र लॉन्च करता है, जहां किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। पहल के पीछे सुरमीत मावी कहते हैं, "यह मेरे अनुभव को लिखने का एक प्रयास है, जैसा कि मैं इस विरोध में भाग लेता हूं।समाचार पत्र गलत संचार और भ्रम से बचने के लिए शुरू किया गया है। सिंघू सीमा पर सुरमीत मावी ने कहा कि किसानों और सरकार के बीच बैठक के बारे में एक भ्रम था।

Dec 18, 2020  |  09:51 PM (IST)
सिंघू,औचंदी, पियाउ मनियारी, और मंगेश बॉर्डर बंद

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, और मंगेश बॉर्डर बंद हैं। मुकरबा और जीटीके रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

Dec 18, 2020  |  05:22 PM (IST)
एआईकेएससीसी ने पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा

किसान कल्याण सम्मेलन के तहत पीएम मोदी, मध्य प्रदेश के किसानों ने मुखातिब हुए। लेकिन एआईकेएससीसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी विपक्ष की भूमिका में है। किसान इस समय भीषण ठंड में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन पीएम कार्पोरेट सेक्टर की हिमायत कर रहे हैं। धान की खरीद एमएसपी 1870 की जगह 900 में खरीदी जा रही है और पीएम को इस विषय से सरोकार नहीं है। सरकार को किसानों को तकनीक मुहैया कराना चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए कि उसे कंपनियां बेचें। कृषि क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के लिए कंपनियों को एक लाख करोड़ की मदद की है।पीएम को बताना चाहिए कि किस तरह से उनकी खेती और जमीन को सरकार बचाएगी।

Dec 18, 2020  |  04:01 PM (IST)
सोनिया और राहुल गांधी पर बरसीं स्मृति ईरानी

मेरठ में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि विपक्ष का कहना है कि जिसने बिल बनाया वह किसान नहीं है। जो 40 इंच आलू पैदा करने की बात करता है, क्या वह किसान है? क्या सोनिया गांधी किसान हैं? वास्तव में किसानों के लिए कुछ करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों को एमएसपी में 8 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए, जो कि 3.5 लाख करोड़ रुपये की तुलना में यूपीए ने अपने कार्यकाल के 10 वर्षों में प्रदान किए। सत्तारूढ़ दल होने पर उन्होंने क्या किया?

Dec 18, 2020  |  03:38 PM (IST)
'लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि 3 काले कानून के खिलाफ'

कांग्रेस नेता और बॉक्सर, विजेंद्र सिंह ने  टिकरी बॉर्डर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के लिए जमींदारा छात्र संगठन (JSO) द्वारा आयोजित लंगर में भोजन वितरित किया। हम यहां अपने देश के किसानों की सेवा के लिए हैं। हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि 3 काले कानूनों के खिलाफ है।

Dec 18, 2020  |  03:29 PM (IST)
'सरकार ने किसान आंदोलन को बदनाम करने का काम किया'

बीकेयू उगरहा और अखिल भारतीय किसान मजदूर संगठन का किसान आंदोलन पर क्या कहना है इसे समझना दिलचस्प है। जब हम फार्म कानूनों को निरस्त करने की बात करते हैं तो हम एकजुट होते हैं।हम 8 जून से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह छह महीने से चल रहा है।पीएम कहते रहे हैं ये कृषि  कानून अच्छे हैं।वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। हमें नक्सल कहा जाता है, चीनी, पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित बताया जाता है। हमारे बारे में झूठ फैलाया गया है।

Dec 18, 2020  |  03:17 PM (IST)
पीएम ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए उठाए कदम : शिवराज

रायसेन : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान की आमदनी को दोगुना करना चाहते हैं और उसके लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, मगर कांग्रेसी घड़ियाली आंसू बहाने में लगे हैं। रायसेन जिले में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने साढे 35 लाख किसानों के खातों में 16 सौ करोड़ रुपए फसलों के नुकसान की राहत राशि अंतरित (टांसफर) की और पशुपालकों व मछुआरों को क्रेडिट कार्ड वितरित किए। इस सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिग से प्रधानमंत्री मोदी भी संबोधित कर रहे हैं।

Dec 18, 2020  |  12:56 PM (IST)
किसान विरोधी धरना देश विरोधी ताकतों द्वारा प्रायोजित : भाजपा विधायक

भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने नए कृषि कानून के विरोध में हो रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को ‘देश विरोधी ताकतों का प्रायोजित धरना’ करार देते हुए दावा किया कि इस आंदोलन को विदेशों से पैसा मिल रहा है। जिले के बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सिंह ने बृहस्पतिवार रात अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘किसान आंदोलन को देखकर लगता है कि यह देश विरोधी ताकतों के द्वारा प्रायोजित धरना है और इसको विदेश से पैसा मिल रहा है।’
 

Dec 18, 2020  |  12:54 PM (IST)
यूपी में 'किसान सम्मेलन' करेगी भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश में 'किसान सम्मेलन' का आयोजन करने जा रही है। मेरठ में होने वाले इस सम्मेलन को केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता स्मृति ईरानी और संजीव बालियान संबोधित करेंगे। कृष्ण पाल आगरा में किसानों को संबोधित करेंगे।  

Dec 18, 2020  |  10:30 AM (IST)
कमेटी में हम यकीन नहीं रखते-किसान नेता
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने शुक्रवार को कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है उसमें हम यकीन नहीं रखते। अगर सरकार बातचीत करके काले कानून वापस लेती है तो ठीक, नहीं तो हम ये मोर्चा नहीं छोड़ेंगे।'
Dec 18, 2020  |  09:40 AM (IST)
हमसे पीएम करें बात-किसान संगठन

सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरने का आज 23वां दिन है। पंजाब के किसान मजदूर संघर्ष समति के दयाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों से बात करनी चाहिए। हम इन कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

Dec 18, 2020  |  09:28 AM (IST)
किसान आंदोलन को डीएमके का समर्थन
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को डीएमके ने अपना समर्थन दिया है। डीएमके और उसके सहयोगी दलों ने किसानों के समर्थन में चेन्नई में एक दिन का उपवास रखा।
Dec 18, 2020  |  09:27 AM (IST)
केंद्रीय कृषि मंत्री ने लिखा पत्र

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार शाम को किसानों आठ पन्ने का एक खुला पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने किसानों से कानूनों को लेकर 'विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ' के जाल में न फंसने की अपील की। तोमर ने कहा है कि देश के कई किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों का स्वागत किया है लेकिन दिल्ली के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ किसान संगठनों ने कानूनों पर 'भ्रम' की स्थिति पैदा कर दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को एमएसपी के मसले पर लिखित में आश्वासन देने के लिए तैयार है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कानूनों पर आगे न बढ़ने के लिए विचार करने को कहा। कोर्ट ने गतिरोध तोड़ने के लिए एक समिति का गठन करने का फिर सुझाव दिया है। 

Dec 18, 2020  |  09:27 AM (IST)
रणनीति तय करने के लिए वकीलों से मिलेंगे किसान नेता

किसान नेताओं ने गुरुवार को कहा कि आगे की रणनीति तय करने से पहले वे कॉलिन गोंजाल्वेस, दुष्यंत दवे और प्रशांत भूषण जैसे वकीलों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि विवादित कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए वह कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों के एक ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र’ पैनल का गठन करना चाहता है। आंदोलन कर रहे किसानों ने अहिंसक प्रदर्शन करने के किसानों के अधिकार को स्वीकार करने के न्यायालय के फैसले का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने मामले का ठोस हल निकलने तक आंदोलन जारी रखने पर जोर दिया।