'माननीयों' को कोरोना वायरस से बचाएगी UV-C तकनीक! संसद में लगेगा यह सिस्टम

संसद परिसर में कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिए न फैले, इसके लिए सरकार व्यवस्था कर रही है। सरकार संसद परिसर में अल्ट्रावायलट-सी रेडिएशन (UV-C) सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है।

UV-C technology to be placed in Parliament to mitigate Covid spread
संसद में लगेगा अल्ट्रावायलट-सी रेडिएशन सिस्टम।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • संसद में कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिए न फैले, सरकार कर रही उपाय
  • संसद भवन में अल्ट्रावायलट-सी रेडिएशन (UV-C) सिस्टम लगाने की तैयारी में सरकार
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बारे में की अधिकारियों के साथ बैठक

नई दिल्ली : कोरोना संकट के बीच संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र पर कोरोना वायरस का साया न पड़े, इसके लिए सरकार की तरफ से एहतियाती इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार संसद परिसर में अल्ट्रावायलट-सी रेडिएशन (UV-C) सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है। यह उपकरण हवा के जरिए कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक लगाता है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को इस सिस्टम को लगाए जाने पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। 

हवा के जरिए संक्रमण फैलने से रोकता है यह सिस्टम
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'हवा के जरिए कोरोना वायरस से फैलाव पर रोक लगाने वाली नई तकनीक यूवी-सी को लगाए जाने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। इस तकनीक को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़े वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने विकसित किया है।' जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह तकनीक सबसे पहले सेंट्रल हॉल, लोकसभा चैंबर और कमेटी रूम 62 और 63 में  लगाई जाएगी। वैक्टीरिया के प्रसार पर रोक लगाने के इस उपकरण का इस्तेमाल वर्षों से होता आया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बावूजद इसके कोविड-19 उचित व्यवहार का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। 

इस तकनीक को सीएसआईआर ने तैयार की है 
सीएसआईआर का कहना है कि इस तकनीक को कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के इरादे से विकसित किया गया है। हालांकि अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन का कहना है कि हवा के जरिए कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने में यह तकनीक कितनी कारगर है, इसका अभी पता नहीं चल सका है। मानसूत्र सत्र इस बार 13 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा एवं राज्यसभा के ज्यादातर सदस्यों ने कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ले ली है। इस बार संसद आने वाले सांसदों को आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लाने से छूट दी गई है।

संसदों को करना होगा सोशल डिस्टैंसिंग का पालन
संसद की कार्यवाही को लेकर पिछले दिनों लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों में यह तय हुआ कि संसद के पिछले सत्र की तरह इस बार भी सभी सांसद सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों का पालन करेंगे। लोकसभा की अगर बात करें तो 540 सदस्यों में से 470 ने टीके की कम से कम एक खुराक ले ली है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा के करीब 79 फीसदी सांसद टीके का दोनों डोज ले चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि 19 जुलाई से शुरू हो रहे सत्र में सरकार 17 नए विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।   

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