Punjab University में विदेशी भाषा कहलाएगी उर्दू? प्रस्ताव पर आज फैसला ले सकता है 15 सदस्यीय पैनल

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Updated Sep 30, 2019 | 09:54 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Urdu in Punjab University: पंजाब यूनिवर्सिटी में एक विवादास्पद प्रस्ताव के तहत उर्दू विभाग को विदेशी भाषाओं के विभाग के साथ शामिल करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव की काफी आलोचना भी की जा रही है।

Amrinder Singh
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) 

नई दिल्ली। Urdu as Foreign Language in Punjab University: पंजाब यूनिवर्सिटी ने हाल ही में उर्दू को विदेशी भाषाओं के विभाग में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद शिक्षा के साथ-साथ समाज के विभिन्न गुटों में इसकी भारी आलोचना हो रही है। प्रस्ताव पर मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर एक 15 सदस्यों वाले पैनल को इस पर फैसला लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि प्रस्ताव को पास करना है या फिर इसे वापस लेना है।

पंजाब यूनिवर्सिटी में लाए गए इस प्रस्ताव के तहत उर्दू भाषा के विभाग को विदेशी भाषाओं के विभाग के साथ जोड़े जाने की बात कही गई है। इन विदेशी भाषाओं के विभाग में रूसी, फ्रांसीसी, जर्मन, चीनी और तिब्बती भाषाएं शामिल हैं। इस प्रस्ताव को कई लोगों ने यह बताते हुए खारिज करने का समर्थन किया है कि उर्दू को देश की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न है। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की ओर से उर्दू को विदेशी भाषाओं में शामिल किए जाने की बात कही गई थी।

प्रस्ताव की जमकर आलोचना करते हुए कई लोग कह रहे हैं कि भारत में ही उर्दू का जन्म, पोषण और संवर्धन हुआ है। जब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर डीन से बात करेंगे और उनसे इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने को कहेंगे। इस मुद्दे पर एक 15 सदस्यीय पैनल की ओर से अंतिम बैठक की जाएगी जो इस प्रस्ताव को वापस लेने या इसे आगे बढ़ाने के बारे में अंतिम निर्णय लेंगे।

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