'सुरक्षा बलों को खुली छूट, हमारा एक जवान शहीद होगा तो हम 10 मारेंगे', पाकिस्‍तान को कड़ा संदेश

देश
Updated Jul 27, 2019 | 22:10 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

केंद्र सरकार ने पाकिस्‍तान और आतंकियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उनसे निपटने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई है।

G Kishan Reddy
सीआरपीएफ के कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार में सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई है
  • उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत का एक भी जवान शहीद होगा तो दुश्‍मन के 10 मारे जाएंगे
  • केंद्रीय मंत्री सीआरपीएफ के 81वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे

हैदराबाद : जम्‍मू एवं कश्‍मीर में सक्रिय आतंकियों और पाकिस्‍तान को कड़ा संदेश देते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि देश की रक्षा और कानून-व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई है। सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है, वहीं नक्‍सली हिंसा को काबू करने पर भी फोकस है, जिसमें सुरक्षा बलों की भूमिका सराहनीय रही है।

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी शनिवार को यहां केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 81वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे, जब उन्‍होंने पुलवामा आतंकी हमले और इसके बाद भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्‍तान के बालाकोट में की गई एयर स्‍ट्राइक का भी जिक्र किया और साफ कहा कि अगर देश का एक भी जवान शहीद होता है तो दुश्‍मन के 10 जवान मारे जाएंगे।

किशन रेड्डी ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की और मौजूदा एनडीए सरकार ने देश की सुरक्ष और आतंकवाद के मसले पर पूर्ववर्ती सरकारों के मुकाबले अधिक सख्‍त रुख अपनाया है और अब आतंकियों और सीमा पार से होने वाली किसी भी नापाक साजिश को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।

सुरक्षा बलों को खुली छूट का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि एनडीए सरकार ने आतंकवादियों और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे रखी है। उन्‍होंने कहा, 'आप हाल के पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद हुई बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बारे में जानते हैं। इससे पहले क्या था? वो मारने वाला था, हम मार खाने वाले थे। अब (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी के प्रभावशाली नेतृत्व में एनडीए सरकार ने सुरक्षा बलों को खुली छूट दी हुई है।'

उन्‍होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में सुरक्षा बलों के हाथ बंधे हुए थे और उन्हें उतनी छूट नहीं थी, जितनी आज है। उन्‍होंने कहा कि यह फैसला आतंकवादियों से देश की रक्षा करने और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया है।

केंद्रीय गृह राज्‍य में मंत्री ने यह भी कहा कि पहले जब सुरक्षा कर्मी शहीद होते थे और आतंकी हमलों में आम नागरिकों की जान जाती थी तो इसका चुपचाप शोक मनाया जाता था। मोमबत्ती जलाकर, फूल चढ़ाकर, मौन रहकर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी जाती थी। लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्‍होंने दो टूक कहा, 'अब यदि हमारा एक जवान शहीद होता है तो हम (दुश्मन के) 10 जवानों को मारेंगे।'

उन्‍होंने सीआरपीएफ को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण मुहैया कराने पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार इसमें आने वाली लागत की परवाह नहीं करेगी। साथ सुरक्षा बलों और उनके परिवारों का भी पूरा ख्‍याल रखेगी। उन्‍होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ पूरे देश में विभिन्न चुनौतियों से निपटते हुए आंंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में सीआरपीएफ की भूमिका की सराहना की।

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