उरी हमला: 19 जवानों की मौत से खौल उठा था हिंदुस्तान का खून, पीएम मोदी ने कहा था- नहीं बचेंगे हत्यारे

देश
Updated Sep 18, 2019 | 13:19 IST | पल्लव मिश्रा

उरी हमले के बाद, जब सेना के वीर जवानों की शहादत पर हर भारतवासी का मन बदला लेेने के लिए ज्वालामुखी की आग की तरह धधक रहा था, उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमले के पीछे जो लोग हैं, उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।

Uri attack
भारतीय सेना ने आतंकियों के घर में घुसकर की थी सर्जिकल स्ट्राइक (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • उरी हमले में शहीद हुए थे 19 भारतीय वीर जवान
  • पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकियों को कड़ी सजा मिलेगी
  • भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों सहित उनके कई ठिकानों को तबाह किया था

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं। देश की सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे सख्त निर्णय लिए हैं, जिसकी चर्चाएं आज भी होती है। उसमें एक फैसला आतंकवाद के खिलाफ खुले तौर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके घर में घुसकर 'सर्जिकल स्ट्राइक' करना भी शामिल है।

असल में 18 सितंबर 2016, को जैश-ए- मोहम्मद (जैश) के चार आतंकवादियों ने नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वॉटर्स पर एक बड़े हमले को अंजाम दिया था। उस भयावह मंजर की याद आज भी हर भारतीय के दिल और दिमाग दोनों में तैरती है। वह एक ऐसी खतरनाक सुबह थी जिससे देश बैचेन हो उठा था और हर भारतवासी के मन में आतंकवादियों से बदल लेने की आग ज्वालामुखी की तरह भभक रही थी।

आतंकियों को मार गिराया था
पूरा देश चाहता था कि आतंकवादियों के इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए और ऐसा सबक सिखाया जाए कि जिसे आतंकी पूरे जीवन याद करें। जैश ने वो आतंकी हमला सुबह करीब 5:30 बजे किया थी। आतंकवादियों ने सेना के ब्रिगेड हेडक्वॉटर्स के नजदीक पहुंचते ही 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दाग कर हमला कर दिया था। इस आतंकी हमले में भारत ने अपने 19 वीर सपूतों को खो दिया। हालांकि, भारत की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई और 6 घंटे के करीब चले मुठभेड़ में चारों आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया था। 

'बख्शे नहीं जाएंगे कातिल'
जवानों की वीर शहादत बेकार न जाए इसको लेकर देश भी बैचेन था। केंद्र सरकार भी देशवासियों की भावना को समझ रही थी। हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था, 'हम उरी में कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। मैं राष्ट्र को विश्वास दिलाता हूं कि इस घृणित हमले के पीछे जो लोग हैं, वे बख्शे नहीं जाएंगे।'

पीओके के 3 किमी अंदर घुस गई थी सेना
देश की जनता के मन में भी विश्वास था कि सरकार कड़े कदम उठाएगी। परिणामस्वरूप भारत ने भी उरी हमले के ठीक 11 दिन बाद यानि 29 सितंबर को आतंकवादियों के घर में घुसकर 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया। भारतीय सेना ने रात 12 बजकर 30 मिनट के करीब सर्जिकल स्ट्राइक करना शुरू किया और अगले 4 घंटे के भीतर कई आतंकवादियों और उनके बहुत से ठिकानों को पूरी तरह से तबाद कर दिया। स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना नियंत्रण रेखा के करीब 3 किमी भीतर तक घुस गई थी।  

हमले के बाद भारत को देखने की रणनीति दुनिया की बदल गई। दुनिया ने भी भारत के पराक्रम का लोहा माना और यह समझा कि ये नया हिंदुस्तान आंख में आंख डालकर बात करने की हिम्मत रखता है। इस सर्जिकल स्ट्राइक की सबसे बड़ी चुनौती थी बिना किसी जवान के शहादत के इसे पूरा करना। पीएम मोदी ने भी एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था। 

'सूर्योदय से पहले वापस आ जाना'
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने सेना के अधिकारियों से कहा था, 'मिशन की सफलता या असफलता के बावजूद, सूर्योदय से पहले वापस आ जाना है।' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह बड़ी चुनौती थी कि किसी भी जवान की मौत न हो और सभी स्ट्राइक को अंजाम देकर वापस सुरक्षित लौट आएं।' और हुआ भी ऐसा ही, भारतीय सेना ने पूरा मिशन को बहुत ही सफलतापूर्वक अंजाम दिया और सूर्योदय से पहले सभी जवान सुरक्षित वापस भी आ गए।

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