Ayodhya Verdict: फैसले से पहले पीएम नरेंद्र मोदी की अपील, शांति और सौहार्द पहली प्राथमिकता

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Updated Nov 09, 2019 | 00:53 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Ayodhya Verdict: अयोध्या टाइटल सूट केस में सुप्रीम कोर्ट शनिवार को सुनाएगा फैसला। इस ऐतिहासिक केस में चालीस दिन तक सुनवाई हुई थी जिसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष की तरह से जबरदस्त दलीलें पेश की गईं थीं।

ayodhya title case
अयोध्या टाइटल सूट केस में आज सुप्रीम फैसला 

मुख्य बातें

  • अयोध्या टाइटल सूट केस में सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला
  • इस केस में पांच जजों की खंडपीठ ने 40 दिन तक की थी सुनवाई
  • 16 अक्टूबर को सुनवाई का था आखिरी दिन

नई दिल्ली। अयोध्या टाइटल सूट केस में जिस ऐतिहासिक फैसले का इंतजार था अब वो इंतजार शनिवार को खत्म हो जाएगा।  सुप्रीम कोर्ट कल सुबह  10.30 बजे सुनाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन तक सुनवाई हुई थी। इस केस में चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच सुनवाई कर रही थी। टाइटल सूट केस के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी को जिम्मेदारी थी। लेकिन मध्यस्थता कमेटी के जरिए जब समाधान नहीं निकला तो सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना सुनवाई करने का फैसला किया। 

फैसले के मद्देनजर भोपाल में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहच चार से ज्यादा लोगों को एक जगह एकत्रित होने पर रोक लगा दी है। सभी प्राइवेट स्कूल, सरकारी स्कूल और कॉलेज को सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे जम्मू में धारा 144 लागू कर दी गई है। 


पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी वो न तो किसी के लिये विजय है और न ही किसी के लिए हार है। वो सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि शांति और सौहार्द बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। 

 

 

अयोध्या केस में फैसले के लिए शनिवार को कोर्ट नंबर 1 खुलेगा। जिस समय संवैधानिक पीठ फैसला सुनाएगी उस समय सिर्फ केस से जुड़े हुए लोग मौजूद रहेंगे। बता दें कि इस तरह के कयास लग रहे थे कि फैसला 13 से 15 नवंबर के बीच आ सकता है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

 

 

इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यूपी में सभी स्कूल और कॉलेज 9 से 11 नवंबर तक बंद रहेंगे। बता दें कि 

इन जजों की पीठ ने की सुनवाई

  1. जस्टिस रंजन गोगोई, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
  2. जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े (एस.ए. बोबड़े)
  3. जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़
  4. जस्टिस अशोक भूषण
  5. जस्टिस अब्दुल नजीर

सुनवाई में ये रहे अहम पक्षकार

  1. रामलला विराजमान
  2. निर्मोही अखाड़ा
  3. सुन्नी वक्फ बोर्ड

इन वकीलों का रहा अहम रोल

  1. हिंदू पक्ष की तरफ से के पाराशरण
  2. मुस्लिम पक्ष की तरफ से राजीव धवन 

    मध्यस्थता कमेटी में ये सदस्य थे शामिल
  3. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस फकीर मोहम्मद इब्राहिम खलीफुल्लाह
  4. ऑर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्री श्री रविशंकर
  5. सीनियर एडवोकेट श्रीराम पंचू


सुप्रीम कोर्ट में चालीस दिन की जिरह में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की तरफ से जिरह में अलग अलग तरह की बातें सामने आई। हिंदू पक्षकारों का कहना था कि यह मामला सिर्फ और सिर्फ टाइटल सूट से ही संबंधित नहीं है। भारत का बहुसंख्यक जनमानस उस जगह को मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जन्मस्थली मानता रहा है, हालांकि मुस्लिम पक्षकारों का कहना था कि यह मामला विशुद्ध तौर पर जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है और अदालत को सिर्फ और सिर्फ फैसला सुनाते हुए टाइटल का ही ध्यान रखना चाहिए।

 

 

फैसले के मद्देनजर अयोध्या समेत देश के सभी शहरों में सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों के 4 हजार जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही अयोध्या से सटे अंबेडकरनगर जिले में आठ अस्थाई जेलें बनाई गई हैं। यूपी में अशांति फैलाने के शक में 6 हजार लोगों को रेड कार्ड जारी किया गया है। 

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