SPG Bill: संसद ने दी एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक को मंजूरी, गांधी परिवार पर अमित शाह ने दिया जवाब

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Updated Dec 03, 2019 | 17:55 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

SPG Bill: संसद ने विशेष सुरक्षा समूह (SPG) कानून में संशोधन करने संबंधी विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी। राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि इस बिल को गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया।

Amit Shah
अमित शाह 

मुख्य बातें

  • मंगलवार को राज्यसभा से पास हुआ एसपीजी संशोधन विधेयक, लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है
  • अमित शाह ने कहा कि विधेयक गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया
  • विपक्ष ने आरोप कि बिल राजनीति से प्रेरित है और एक परिवार को ध्यान में रखकर लाया गया है

नई दिल्ली: विशेष सुरक्षा समूह (SPG) (संशोधन) विधेयक, 2019 राज्यसभा से पारित किया गया। लोकसभा से ये पहले ही पारित हो चुका है। इस तरह संसद ने दी एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। बिल के विरोध में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। राज्यसभा ने एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूरी दी।

बिल पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'यह सच नहीं है कि हम केवल गांधी परिवार को ध्यान में रखकर एसपीजी विधेयक लाए हैं। इस बिल को लाने से पहले ही खतरे के आकलन के विश्लेषण के बाद गांधी परिवार से सुरक्षा वापस ले ली गई थी।' 

उन्होंने कहा कि यह एसपीजी अधिनियम में 5वां संशोधन है। यह संशोधन गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया है, लेकिन, एक बात जो मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं, वह यह है कि पिछले 4 संशोधन केवल एक परिवार को ही ध्यान में रखकर किए गए। शाह ने कहा, 'सुरक्षा को स्टेटस सिंबल नहीं बनाया जा सकता। केवल एसपीजी की मांग क्यों? एसपीजी कवर केवल देश के प्रमुख के लिए है, हम इसे सभी को नहीं दे सकते। हम एक परिवार का विरोध नहीं करते हैं, हम वंशवाद की राजनीति के खिलाफ हैं।' 

गृह मंत्री ने कहा, 'जब मनमोहन सिंह और अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों की एसपीजी सुरक्षा वापस ली गई थी तब कोई चर्चा नहीं हुई थी।'

हालांकि विपक्ष का आरोप है कि एसपीजी कानून में संशोधन राजनीति से प्रेरित है और केवल एक परिवार को एसपीजी सुरक्षा से वंचित करने के लिए यह संशोधन किया जा रहा है। 

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एसपीजी का गठन हुआ। जब कानून बना तो प्रधानमंत्री और उनके परिवार को इसकी सुरक्षा के दायरे में लाया गया। कांग्रेस के विवेक तनखा ने कहा, 'यह सामान्य कानून नहीं है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवार को सुरक्षा का प्रावधान था लेकिन इसमें संशोधन का प्रस्ताव लाया गया जिसके अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को पांच साल ही यह सुरक्षा मिलेगी और वह भी उनके सरकार द्वारा आवंटित आवास में रहने पर।'

वहीं चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के नीरज शेखर ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य वीआईपी संस्कृति को समाप्त करना है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने कहा कि वह स्वयं 1990 से 2001 तक एसपीजी सुरक्षा में रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन दिनों मैं 22 साल का था। मेरे परिवार को एसपीजी सुरक्षा मिली थी। जिस तरह हमारे आगे पीछे गाड़ियों का काफिला चलता था, उसे देख कर मैं खुद को बहुत ही रसूखदार व्यक्ति समझता था जबकि सचाई यह है कि उन दिनों मुझे कोई जानता नहीं था।

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