Maharashtra के सियासी घटनाक्रम से हर कोई हैरान, क्या कोई हुआ ब्लैकमेल या है दगाबाजी

देश
Updated Nov 23, 2019 | 15:11 IST

Devedra fadnavis- Ajit Pawar in Maharshtra: महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर ये है कि देवेंद्र फडणवीस सीएम और अजित पवार डिप्टी सीएम हैं। इन सबके बीच कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं।

shivsena leader sanjay raut says ajit pawar has been blackmailed we will expose
देवेंद्र फडणवीस सरकार में एनसीपी नेता अजित पवार बने डिप्टी सीएम 

मुख्य बातें

  • महाराष्ट्र में सरकार गठन के तरीके पर कांग्रेस ने साधा निशाना, बेशर्मी की इंतेहा बताया
  • कांग्रेस का बयान- राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
  • शिवसेना का बयान- अजित पवार को ब्लैकमेल किया गया

नई दिल्ली। राजनीति में कुछ भी हो सकता है, एक तरफ शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी शनिवार को सरकार गठन के मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे। तीनों दलों की प्रेस कांफ्रेंस भी हुई। लेकिन विषय में तब्दीली आ चुकी थी। तीनों दलों की प्रेस कांफ्रेंस इस बात पर थी क्या किसी ने बेवफाई की या किसी ने संविधान की धज्जियां उड़ा दी। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो उच्च मानदंडों पर राजनीति करते रहे हैं।लेकिन महाराष्ट्र में जो कुछ हुआ वो तो संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। 

एनसीपी कोटे से अजित पवार का डिप्टी सीएम के लिए शपथ लेना आश्चर्य से भरा हुआ था क्योंकि शुक्रवार की रात अजित पवार कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर भावी गठबंधन की रूपरेखा तय कर रहे थे। लेकिन शनिवार की सुबह का नजारा कुछ और ही था। अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले व्हाट्सऐप का स्टेटस बदला और कहा कि पार्टी और परिवार में बंटवारा हो गया, आखिर जीवन में किस पर भरोसा करें। इसके साथ ही कांग्रेस ने बेशर्मी की इंतेहा करार दिया तो शिवसेना ने कहा राजनीतिक सौदेबाजी के तहत देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाई।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि पार्टी धनंजय मुंडे के संपर्क में है। इस बात की पूरी संभावना है कि अजित पवार वापस आ सकते हैं क्योंकि उन्हें ब्लैकमेल किया गया है। इस बारे में जल्द खुलासा हो जाएगा कि आखिर वो कौन शख्स है जिसने ब्लैकमेल किया। देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल होने के बाद अजित पवार ने कहा कि फिलहाल उन्हें कुछ नहीं कहना है। 


महाराष्ट्र की राजनीति में इतने बड़े उलटफेर के पीछे एनसीपी विधायकों के दस्तखत वाला वो पन्ना है जिसके बारे में कहा जा रहा है अजित पवार ने दुरुपयोग किया है। सवाल ये है कि एनसीपी विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र अजित पवार ने गवर्नर को कब दिया। कुछ लोगों का कहना है कि वो चिट्ठी शुक्रवार दोपहर में ही सौंप दी गई थी। लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि समर्थन पत्र रात में सौंपा गया। कांग्रेस के कुछ नेताओं का आरोप है कि इसमें चाचा शरद पवार और भतीजा अजित पवार दोनों मिले हुए हैं। यहां पर यह ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह सब एनसीपी विधायकों की वजह से हुआ। लेकिन जब अजित पवार की भूमिका पर उनसे सवाल किया गया तो वो बोले कि उनके बारे में अंतिम फैसला शरद पवार को ही लेना है।

 

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