शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, पुलिस के एक्‍शन पर उठाए सवाल

देश
श्वेता कुमारी
Updated Mar 26, 2020 | 00:48 IST

शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्‍होंने दिल्‍ली पुलिस द्वारा उन्‍हें जबरन धरनास्‍थल से उठाने को लेकर सवाल किए और शीर्ष अदालत से जनता के अधिकारों पर दिशा-निर्देश देने की अपील की।

शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, पुलिस के एक्‍शन पर उठाए सवाल
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, पुलिस के एक्‍शन पर उठाए सवाल (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्‍ली पुलिस ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को 24 मार्च को हटा दिया था
  • प्रदर्शनकारियों ने अब दिल्‍ली पुलिस की इस कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है
  • प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 5 से भी कम महिलाएं धरने पर बैठी थीं और यह महज सांकेतिक था, फिर भी पुलिस ने जबरन कार्रवाई की

नई दिल्ली : देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने दक्षिणी दिल्‍ली के शाहीन बाग में दिसंबर से ही संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को मंगलवार सुबह जबरन वहां से हटा दिया। शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने अब पुलिस की इस कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

पुलिस के एक्‍शन पर सवाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कोरोना वायरस के कारण उपजी स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और इसलिए उन्‍होंने धरनास्‍थल पर प्रदर्शनकारियों की संख्‍या भी घटा दी। मंगलवार को जबकि 5 से भी कम महिलाएं ही धरनास्‍थल पर बैठी थीं और वे स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा के लिहाज से वे पर्याप्‍त दूरी पर भी बैठी हुई थीं, फिर भी पहुंच ने वहां पहुंचकर जबरन प्रदर्शन स्‍थल को खाली करा लिया।

सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 5 से भी कम महिलाओं का यह धरना महज सांकेतिक था, फिर भी पुलिस ने जबरन कार्रवाई की। यह जनता के अधिकारों का हनन है। सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्‍तक्षेप की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने एक पत्र भी लिखा है, जिस पर 24 मार्च की तारीख लिखी है। इसमें उन्‍होंने लिखा है कि 22 मार्च को जब जनता कर्फ्यू का आह्वान किया गया था, तभी उस जगह को खाली करा लिया गया था और केवल 3-5 प्रदर्शनकारी ही अपना धरना जारी रखे हुए थे, जो प्रतीकात्मक था। इस बीच पुलिस ने आकर जबरन उन्‍हें हटा दिया। 

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया

शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने जनता के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट से दिशा-निर्देश देने की मांग की। उन्‍होंने यह भी कहा कि पुलिस के इस आश्‍वासन पर उन्‍होंने प्रदर्शनकारियों की संख्‍या भी घटा दी थी कि उन्‍हें वहां से हटाया नहीं जाएगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से धरना स्‍थल को खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन वे नहीं माने, जिसके बाद कार्रवाई की गई। उनका यह भी कहना है कि जब धरनास्थल को खाली कराया गया तब वहां पुरुषों सहित करीब 50 प्रदर्शनकारी थे।

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