सीलमपुर हिंसा : VIDEO में पुलिसकर्मी को पीटते नजर आए उपद्रवी

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Updated Dec 17, 2019 | 17:08 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Violence in Delhi's Seelampur: उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफराबाद इलाके में मंगलवार को दिन के करीब दो बजे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मार्च का आयोजन किया गया था। इसके लिए एक बजकर 15 मिनट के करीब लोग एकत्रित हुए।

Seelampur protest: protestors attacks policeman, Video goes viral| सीलमपुर हिंसा : VIDEO में पुलिसकर्मी को पीटते नजर आए उपद्रवी
Seelampur Protest : नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लोगों ने निकाला था मार्च
  • उत्तर पूर्व दिल्ली के सीलमपुर में उपद्रवी ने बसों को पहुंचाया नुकसान
  • बवाल को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े

नई दिल्ली : सीलमपुर में प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच झड़प का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में भीड़ में शामिल उपद्रवी एक पुलिसकर्मी पर हमला करते नजर आए हैं। दरअसल, पुलिसकर्मियों का पीछा करती भीड़ में शामिल एक उपद्रवी ने पुलिसकर्मी पर लाठी से प्रहार किया जबकि एक उपद्रवी ने पुलिसकर्मी पर पीछे से मुक्के से प्रहार किया।  

दरअसल, उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफराबाद इलाके में मंगलवार को दिन के करीब दो बजे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक मार्च का आयोजन किया गया था। इसके लिए एक बजकर 15 मिनट के करीब लोग एकत्रित हुए और उन्होंने सीलमपुर की तरफ मार्च करना शुरू किया। शुरू में यह मार्च शांतिपूर्वक चल रहा था लेकिन बाद में यह हिंसक हो गया। इस दौरान भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने बसों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया। वहीं, स्थिति की गंभीर होते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर और उन्हें नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

इस हिंसक प्रदर्शन के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाया और इलाके के सभी दुकानदारों को अपनी दुकानें एवं कारोबारियों से अपना कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया। साथ ही सीलमपुर, गोकुलपुरी, वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया।

इसके पहले जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विवि में छात्रों पर कथित रूप से पुलिस की कार्रवाई पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने कहा, 'हम तथ्यों को जानने में अपना समय नहीं देना चाहते, आप पहले हाई कोर्ट जाएं।' कोर्ट ने कहा कि यदि कोई अपराध करता है तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि घायल छात्रों को चिकित्सकीय मदद मिलनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शन के इन मामलों में एक जांच के आदेश नहीं दिए जा सकते। कोर्ट ने पूछा कि प्रदर्शन के दौरान बसों में आग कैसे लगी।

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