Aadhaar-Social Media Link: सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं : रवि शंकर प्रसाद

देश
आलोक राव
Updated Nov 20, 2019 | 19:13 IST

Social Media - Aadhar Linking: केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

Ravi Shankar Prasad says No proposal to link people's social media accounts with Aadhaar लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं : रवि शंकर प्रसाद
Aadhaar : सोशल मीडिया अकाउंट्स से आधार को नहीं जोड़ेगी सरकार।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • लोकसभा में रवि शंकर प्रसाद ने दिया लिखित बयान, सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से नहीं जोड़ेगी सरकार
  • सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने की याचिकाएं
  • सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार को कदम उठाने के लिए कहा है

नई दिल्ली : सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को उनके आधार से जोड़ने का उसके पास कोई प्रस्ताव नहीं है। लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकार प्रसाद ने यह बात कही। उन्होंने कहा, 'लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को उनके आधार संख्या से जोड़ने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।'

केंद्रीय कानून मंत्री उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उनसे खासतौर से पूछा गया कि लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को उनके आधार संख्या से जोड़ने के लिए क्या सरकार कोई कानून लाने वाली है? बीच-बीच में ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं कि सरकार लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को उनके आधार से जोड़ सकती है। 

बता दें कि सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने की मांग वाली अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। गत 14 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से जोड़ने की मांग की गई थी। इस केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया के सभी मामलों के लिए शीर्ष अदालत आने की जरूरत नहीं है। 

सोशल मीडिया अकाउंट्स पर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि सभी चीजों के लिए सुप्रीम कोर्ट आने की जरूरत नहीं है। यह मामला मद्रास हाई कोर्ट के समक्ष है और याची वहां का रुख कर सकता है। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि वह सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए सरकार को उचित कदम उठाने का निर्देश जारी करे। इस याचिका को वकील एवं भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने दायर किया था।

गत 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग हाई कोर्ट में आधार और सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़े सभी लंबित मामले खुद के पास स्थानांतरित कर लिए। शीर्ष अदालत ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार से कदम उठाने एवं नियम बनाने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत अगले साल जनवरी में इस केस पर सुनवाई करेगी।

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