सात फेरों में बाधक बना कोरोना, डिप्टी कलेक्टर और IFS को लॉकडाउन की वजह से टालनी पड़ी अपनी शादी

देश
Updated Mar 26, 2020 | 11:19 IST

कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं जिसका असर आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। कोरोना के चलते रायपुर में एक डिप्टी कलेक्टर को अपनी शादी टालनी पड़ी है।

Raipur Deputy Collector and IFS postpone wedding at last moment due to coronavirus
बाधक बना कोरोना, डिप्टी कलेक्टर को टालनी पड़ी अपनी शादी 

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन लगाया है
  • कोरोना के बढ़ते मामलों का असर लोगों की शादियों पर भी पड़ रहा है, डिप्टी कलेक्टर ने टाली शादी
  • रायुपर में 26 मार्च को होनी थी शादी, लेकिन अब तारीख को बढ़ाया गया आगे

रायपुर: कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसका असर लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला झारंखड के रायपुर से आया है जहां कोरोना वायरस की वजह से एक परिवार को घर में होने वाली शादी को टालना पड़ा है। रायपुर की डिप्टी कलेक्टर शीतल बंसल की शादी आज यानि 26 मार्च को होनी थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते  उन्होंने अपनी शादी टालने का फैसला लिया है।

समाज के पेश की मिसाल

शीतल ने ऐसा कर देश के सामने एक उदाहरण भी पेश किया है। दरअसल सरकार ने देश में कोरोनोवायरस की स्थिति की गंभीरता को समझते हुए  और इस खतरे को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक समारोहों से बचने की अपील की थी। अब रायपुर में दो परिवारों ने अपने बच्चों की शादी को रद्द करने का एक साहसिक निर्णय लिया है। दोनों परिवारों ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया जब पहले से वो तैयारियों पर काफी पैसा खर्च कर चुके थे। 

कोरोना के चलते लिया निर्णय

शीतल बंसल अभनपुर के जनपद पंचायत की डिप्टी कलेक्टर और सीईओ हैं और उनकी शादी 26 मार्च को आईएफएस अधिकारी आयुष से होनी थी लेकिन उन्होंने कोरोनोवायरस के डर से दोनों परिवारों ने समारोह को स्थगित करने का फैसला किया। इस निर्णय के बारे में शीतल ने बताया, 'जैसे ही हमने तेजी से फैलते संक्रमण के बारे में पढ़ा और मामलों की बढ़ती संख्या को देखा तो हमने महसूस किया कि हमें शादी की तारीख को स्थगित कर देना चाहिए। यह निर्णय हमारे परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण था और सरकार के निर्देश भी।'

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शीतल बोली- हमें करना पड़ेगा जागरूक

 जनपद पंचायत के सीईओ होने के नाते होने वाली दुल्हन ने कहा, 'हम स्वास्थ्य संकट के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता पैदा करने की भी कोशिश कर रहे हैं। मैंने इतने सालों में कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। इसलिए, स्थिति की गंभीरता को समझना हमारे लिए महत्वपूर्ण था। हमें सरकार के निर्देशों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।'

मुश्किल भरा था फैसला
शीतल ने कहा कि उनके परिवार को शादी की तारीख को स्थगित करने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि शादी के वेन्यू, खानपान, गेस्ट हाउस, मण्डप और अन्य आवश्यकताओं सहित सभी चीजों को अंतिम रूप दे दिया गया था। उन्होंने बताया, 'यह बहुत मुश्किल था। दो-तीन दिनों के लिए, हमने सोचा कि क्या करना है। सब कुछ तैयार था। शादी के कार्ड एक महीने पहले ही वितरित कर दिए गए थे। रिश्तेदारों के टिकट बुक हो चुके थे और आज वे आने वाले थे। कुछ तो पहले ही आ गए थे। लेकिन फिर हमारे दोनों परिवारों ने मुलाकात की और शादी को स्थगित करने का फैसला किया।'

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