पूर्वांचल, विदर्भ को अलग राज्य घोषित किया जाना चाहिए: रामदास अठावले

देश
रामानुज सिंह
Updated Sep 24, 2019 | 21:40 IST

मोदी सरकार के मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र को बांटकर पूर्वांचल और विदर्भ राज्य बनाया जाना चाहिए।

Union minister Ramdas Athawale
Union Minister Ramdas Athawale  |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली: बीजेपी की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हमारी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विभाजन की मांग करेगी। पूर्वांचल को यूपी से और विदर्भ को महाराष्ट्र से अलग करने की आवश्यकता है। 

अठावले ने कहा कि पूर्वांचल और विदर्भ क्षेत्रों को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से अलग कर नया राज्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल को वाराणसी के साथ एक अलग राज्य बनाया जाना चाहिए और विदर्भ को भी महाराष्ट्र से अलग किया जाना चाहिए। आरपीआई चीफ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को पूर्वांचल राज्य की राजधानी बनायी जानी चाहिए।

अठावले ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो नए राज्य पूर्वांचल और विदर्भ के गठन की मांग की है। मैं अगली एनडीए की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाऊंगा।

 

उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर भी छोटे राज्यों के गठन में विश्वास करते थे। लोगों को बड़े राज्यों में यात्रा करना मुश्किल होता है। इसलिए छोटे राज्यों का गठन आवश्यक है। लोग पूर्वांचल और विदर्भ को दो अलग-अलग राज्यों में घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

अठावले ने जोर देते हुए कहा कि गठन की उनकी मांग के पीछे एक वाजिब कारण है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों में तेजी से विकास संभव है और इसलिए मैंने गठन और विभाजन की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र दो बड़े राज्य हैं। लेकिन यहां के लोग पीड़ित हैं क्योंकि दोनों राज्यों के नागरिक जरूरी कामों के लिए विभिन्न शहरों की यात्रा करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
 

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