कौन हौता है प्रो-टेम स्पीकर, क्या होती हैं इसकी शक्तियां एवं जिम्मेदारी 

देश
आलोक राव
Updated Nov 26, 2019 | 14:49 IST

Pro-tem Speaker in Maharashtra : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट कराने की जिम्मेदारी प्रो-टेम स्पीकर को सौंपी है। आइए जानते हैं कि कौन होता है प्रो-टेम स्पीकर और उसकी जिम्मेदारी क्या होती है।

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क्या होता है प्रो-टेम स्पीकर।  |  तस्वीर साभार: PTI

नई दिल्ली : महाराष्ट्र में सरकार गठन पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रो-टेम स्पीकर की भूमिका बढ़ गई है। अब सबकी नजरें प्रो-टेम स्पीकर पर टिकी हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो सका है कि प्रो-टेम स्पीकर की भूमिका में कौन होगा। फिर भी इस पद के लिए कुछ नाम चर्चा में चल रहे हैं। आइए जानेत हैं कि प्रो-टेम स्पीकर कौन होता है, इसकी जरूरत क्यों पड़ती है और इसकी शक्तियां क्या होती हैं।

क्या होता है प्रो-टेम स्पीकर
प्रो-टेम लैटिन शब्द है जिसका कि अंग्रेजी में अर्थ होता 'थोड़े समय के लिए'। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि यह पद स्थायी नहीं बल्कि थोड़े समय के लिए होता है। प्रो-टेम स्पीकर की व्यवस्था नई लोकसभा अथवा विधानसभा की कार्यवाही थोड़े समय के लिए चलाने के लिए की जाती है। आम चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक की अध्यक्षता प्रो-टेम स्पीकर करता है और इस बैठक में नव गठित सदन के लिए स्पीकर एवं डिप्टी स्पीकर का चुनाव होता है।   

कैसे होता है प्रो-टेम स्पीकर का चुनाव 
प्रो-टेम स्पीकर का चुनाव लोकसभा एवं विधानसभा के सदस्यों की सहमति से होता है। आम तौर पर इस पद के लिए सबसे वरिष्ठ सदस्य का चुनाव होता है। प्रो-टेम स्पीकर सदन के लिए स्पीकर का चुनाव होने तक सदन की कार्यवाही संचालित करता है। 

प्रो-टेम स्पीकर के कर्तव्य 
प्रो-टेम स्पीकर की मुख्य जिम्मेदारी सदन के नव-निर्वाचित सदस्यों का शपथ दिलाना होता है। प्रो-टेम स्पीकर नए स्पीकर के चुनाव के लिए सदन को सक्रिय करता है। सदन के लिए एक बार नए स्पीकर का चुनाव होने के बाद प्रो-टेम स्पीकर का पद स्वत: समाप्त हो जाता है। प्रो-टेम स्पीकर के पास बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराने की जिम्मेदारी भी होती है।

महाराष्ट्र में कौन बनेगा प्रो-टेम स्पीकर
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट के लिए बुधवार पांच बजे तक का वक्त दिया है लेकिन कोर्ट ने प्रो-टेम स्पीकर बनाने के लिए कोई शर्त नहीं रखी है। कोर्ट ने  प्रो-टेम स्पीकर को नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने और अपनी निगरानी में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। प्रो-टेम स्पीकर के लिए नवनिर्वाचित सदस्यों में से सबसे वरिष्ठ नेता का चुनाव किया जाता है। वरिष्ठता को देखें तो कांग्रेस के बालासाहेब थोराट सबसे सीनियर हैं। चूंकि, प्रो-टेम स्पीकर के लिए शीर्ष अदालत ने कोई शर्त नहीं रखी है। ऐसे में प्रो-टेम स्पीकर के लिए सबकी नजरें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर टिकी हैं। 

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