प्रियंका गांधी का वार, छात्र संघ को क्यों खत्म कर रहे हो सरकार? 

देश
Updated Jul 18, 2019 | 19:04 IST | मनोज यादव

प्रियंका गांधी की सक्रियता से कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ने लगा है। इसके साथ ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन करना चाह रही है। यह आंदोलन युवाओं के रोजगार को लेकर किया जाएगा।

Priayanka Gandhi
पूर्वी उत्तर प्रदेश की महासचिव हैं प्रियंका गांधी।  |  तस्वीर साभार: PTI

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने सरकार पर अब इलाहाबाद विश्वद्यालय छात्र संघ को खत्म करके छात्र परिषद गठित किए जाने को लेकर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि छात्रों के हितों का खयाल नहीं रखा जा रहा है और सरकार मनमानी तरीके से लोगों के अधिकारों को खत्म करती जा रही है। 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि - इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ को भंग करने के खिलाफ आवाज उठाने पर @nsui से छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रशासन ने निलंबित करके ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। भाजपा सरकार तो खुद चुनकर आयी है। मगर छात्रों के चुनाव और उनकी आवाज से इतना डरती क्यों है? यह तानाशाही नहीं तो क्या है?

खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना
इसके पहले प्रियंका गांधी ने राज्य में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर चुकी हैं। योगी सरकार में बढ़ते अपराध पर चिंता जताते हुए कहा कि यूपी पुलिस अपराधियों के सामने नतमस्तक हो गई है। उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं है। प्रियंका गांधी ने खासकरके महिलाओं और बच्चों पर बढ़ते अपराध पर चिंता जताई।

अनुदेशकों के मानदेय घटाने को लेकर सरकार को घेरा 
प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में स्कूलों में तैनात किए गए अनुदेशकों के मानदेय को घटाने पर सरकार को निशाने पर लिया था। प्रियंका ने कहा कि पहले 17,000 रुपये मानदेय की व्यवस्था की गई थी। लेकिन उन्हें 8,470 रुपये दिए जा रहे थे। अब उसको भी घटाकर महज 7,000 रुपये कर दिया गया। प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अनुदेशकों के साथ अत्याचार कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार के पास इस धोखेबाजी का कोई जवाब है?

प्रियंका की सक्रियता से जोश में कार्यकर्ता 
प्रियंका गांधी की सक्रियता से कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ने लगा है। इसके साथ ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन करना चाह रही है। यह आंदोलन युवाओं के रोजगार को लेकर किया जाएगा। इसके पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा और फिर उनको साथ में लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इसी तरह छात्रसंघ की बहाली को भी मुद्दा बनाने पर सहमति बनी है। 

आंदोलन करने पर कांग्रेस से जुड़ेंगे लोग
ऐसा देखा जा रहा है कि राज्य सरकार चाहे जो भी करे। भले ही वो जनहित में नही हो या अवाम को परेशानी हो। उसके खिलाफ कोई पार्टी सड़क पर उतरने का नाम नहीं ले रही है। समाजवादी पार्टी तो लोकसभा चुनावों में मिली हार से अभी तक उबर नहीं इतना कमजोर हो गया है कि किसी को इसकी कल्पना नहीं रही होगी। ऐसे में अगर जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरती है तो निश्चित रूप से कांग्रेस के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ेगा और कांग्रेस का खोया हुआ जनाधार उसके साथ जुड़ने लगेगा। 

लोकसभा चुनावों में मिली हार से लिया सबक 
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस अपने गढ़ अमेठी को भी बचाने में नाकामयाब रही। राज्य की 80 सीटों में से कांग्रेस को केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई। कांग्रेस के खाते में केवल रायबरेली सीट आई, जहां से खुद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रत्याशी थीं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए, उन्हें भाजपा का स्मृति इरानी ने हरा दिया। अब प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसको लेकर वो काफी सक्रिय नजर आ रही हैं।

(डिस्क्लेमर : मनोज यादव अतिथि लेखक हैं और ये इनके निजी विचार हैं। टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।)

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