कोरोना के गहराते संकट के बीच पीएम मोदी की फ्रांस के राष्‍ट्रपति से बातचीत, चीन ने भी जताई एकजुटता

देश
श्वेता कुमारी
Updated Apr 01, 2020 | 00:47 IST

दुनियाभर में कोरोना वायरस से गहराते संकट के बीच भारत और फ्रांस ने एकजुट होकर इस संकट से निजात पाने का संकल्‍प दोहराया है। चीन ने भी संकट की इस घड़ी में भारत के साथ एकजुटता दर्शाई है।

कोरोना के गहराते संकट के बीच पीएम मोदी की फ्रांस के राष्‍ट्रपति से बातचीत, चीन ने भी जताई एकजुटता
कोरोना के गहराते संकट के बीच पीएम मोदी की फ्रांस के राष्‍ट्रपति से बातचीत, चीन ने भी जताई एकजुटता  |  तस्वीर साभार: AP, File Image

नई दिल्‍ली : ऐसे में जबकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है और इससे निजात पाने के लिए हर कोशिश कर रही है, दुनिया के नेताओं में भी इस घातक संक्रमण से एकजुट मुकाबले का संकल्‍प मजबूत हो रहा है। कोरोना के इस संकट के बीच भारत दुनिया के विभिन्‍न देशों के साथ अपने नए र‍िश्‍ते गढ़ रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें नेताओं ने इस वैश्विक महामारी से मिलकर पार पाने का संकल्‍प दोहराया।

पीएम मोदी, मैक्रों की बातचीत

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मंगलवार को फोन पर हुई बातचीत में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में जानकारी साझा करने और इस संक्रमण के उपचार व टीके पर शोध के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई गई। फ्रांस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की बात का समर्थन किया कि कोविड-19 का संकट आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और यह दुनिया को वैश्वीकरण की एक नई मानव-केंद्रित अवधारणा का अवसर प्रदान करता है।

भारत-फ्रांस करेंगे सहयोग

इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के कारण फ्रांस में हुए जानमान के नुकसान पर संवेदना जताई और मौजूदा हालात में वैश्विक सहयोग व एकजुटता के महत्व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने इस पर सहमति जताई कि कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर दोनों देशों के विशेषज्ञ जानकारी साझा करेंगे। मैक्रो ने कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए दुनियाभर में लॉकडाउन के ऐलान के बीच घरों में रह रहे लोगों के मानसिक व शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए योगाभ्यास के पीएम मोदी के सुझाव को भी स्‍वीकार किया।

चीन ने जताई एकजुटता

इस बीच चीन ने भी भारत के साथ साझेदारी मजबूत करते हुए भारत के साथ एकजुटता दर्शाई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे हो गए हैं। भारत एक अप्रैल, 1950 को चीन के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने वाला एशिया का पहला गैर-कम्युनिस्ट देश था। भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने कहा कि संकट की इस घड़ी में चीन पूरी तरह भारत के लोगों के साथ है। कोरोना वायरस से जूझ रहे भारत की मदद के लिए चीन से डोनेशन का दूसरा बैच भी पहुंचा है, जिनमें कपड़े, मास्‍क, वेंटीलेटर्स आदि हैं।

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