सरकार का 'जनता कर्फ्यू' जैसा सहयोग जारी रखें लोग, नहीं तो विकट होंगी स्थितियां

Coronavirus in india,Narendra Modi,Janata Curfew: कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार ने ठोस कदम उठाए है लेकिन उनपर जनता का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।

Coronavirus in india
दुनिया के देश पिछले चार महीनों से कोरोना वायरस की कहर से कराह रहे हैं।   |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 415 मामले आ चुके हैं
  • संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए 19 राज्यों में हुआ लॉकडाउन
  • वायरस के संक्रमण से अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है

दुनिया के देश पिछले चार महीनों से कोरोना वायरस की कहर से कराह रहे हैं। चीन से शुरू इस बीमारी ने विश्व के 185 देशों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस वायरस का सबसे ज्यादा असर चीन सहित विकसित पश्चिमी देशों पर हुआ है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। यहां पर भी संक्रमण के अब तक 415 मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया के वैज्ञानिक एवं दवा बनाने वाली कंपनियां इस वायरस का टीका बनाने में लगी हुई हैं लेकिन अभी तक किसी को सफलता नहीं मिल पाई है। 

बताया जा रहा है कि इस वायरस का कारगर टीका विकसित करने में कुछ और महीने लगेंगे। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कोरोना वायरस की दवा और वैक्सीन के बाजार में उपलब्ध होने में एक साल तक का समय लग सकता है। जाहिर है कि अभी इस वायरस को फैलने से रोकने एवं बीमारों का उपचार करने के लिए अभी टीका उपलब्ध नहीं हो पाया है। संक्रमण की सीमित रखकर ही इस वायरस से छुटकारा पाया जा सकता है। इस वायरस ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। इस वायरस के संक्रमण पर अगर अभी रोक नहीं लगाई गई तो इसके भयंकर परिणाम सामने आ सकते हैं। अमेरिका भी कोरोना वायरस के संक्रमण को थाम नहीं पा रहा है ऐसे में इस वायरस ने भारत में यदि महामारी का रूप ले लिया तो यह कितना नुकसान पहुंचा सकता है इसे आसानी से समझा जा सकता है।

भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें दोनों गंभीर हैं। सरकारों का प्रयास है कि यह संक्रमण तीसरे स्तर तक न फैले। संक्रमण के स्तर को यदि दूसरे स्तर पर रोक लिया जाता है तो यह भारत सरकार की एक बड़ी कामयाबी मानी जाएगी। यह संक्रमण अपने तीसरे स्तर तक न पहुंचे इसके लिए देश के 75 जिलों में लॉकडाउन किया गया है। देश में 31 मार्च तक सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई राज्यों में धारा 144 लगा है। इसके अलावा कई अन्य एहतियाती उपाय किए गए हैं। पंजाब में सोमवार को सरकार ने कर्फ्यू घोषित कर दी। ये सारे उपाय लोगों को अपने घरों एवं एक दायरे में सीमित रखने के लिए किए गए हैं। पीएम की अपील पर रविवार को लोगों ने 'जनता कर्फ्यू' को सफल बनाया लेकिन अगले ही दिन कई राज्यों में लोगों ने सरकार के दिशा-निर्देशों को तोड़ते नजर आए।

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं लेकिन मंगलवार को कई जगहों पर लोग इन दिशा-निर्देशों को खुला उल्लंघन होते देखा गया। इस पर खुद पीएम ने नाराजगी जाहिर की और राज्यों से नियमों एवं कानूनों को संख्ती से पालन कराने के लिए कहा। लोगों को यह समझना चाहिए कि दवा से यदि इस बीमारी को रोका जा सकता था तो अमेरिका, चीन और पश्चिमी देश कब का इस पर काबू पा चुके होते। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार ने कदम उठाए हैं और वह आगे भी उठाएगी लेकिन उसके इन प्रयासों को सफल बनाने में लोगों की सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग की जरूरत है। 

लोगों को अनुशासित होकर सरकार की बातों का अनुसरण करना होगा तभी जाकर कोरोना वायरस के प्रसार पर रोक लगाई जा सकेगी। यह समय लोगों के जागरूक होने और सरकार का साथ देने का है। नियमों एवं परामर्श का उल्लंघन होने पर सरकार और लोगों दोनों की मुसीबतें बढ़ेंगी एवं स्थितियां और विकट होती चली जाएंगी। लोगों ने जिस तरह से एकजुट और अनुशासित होकर 'जनता कर्फ्यू' को समर्थन दिया उसी तरह की प्रतिबद्धता, संकल्प एवं संयम की आगे भी जरूरत है।

डिस्क्लेमर: इस प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं और टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।

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