Nirbhaya Case: क्या तीन मार्च होगा इंसाफ का फाइनल दिन,अभी हैं दो पेंच

देश
ललित राय
Updated Feb 17, 2020 | 19:43 IST

पटियाला हाउस कोर्ट ने एक बार फिर निर्भया के गुनगहारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या तीन मार्च इंसाफ का अंतिम दिन होगा या एक बार फिर देश को इंतजार करना पड़ेगा।

Nirbhaya Case: क्या तीन मार्च होगा इंसाफ का फाइनल दिन,अभी हैं दो पेंच
3 मार्च 2020 के लिए एक बार फिर डेथ वारंट जारी 

मुख्य बातें

  • 3 मार्च 2020 सुबह 6 बजे फांसी के लिए मुकर्रर, पहले भी दो बार डेथ वारंट हो चुका है जारी
  • निर्भया केस में तीन दोषियों के पास अब किसी तरह का कानूनी विकल्प उपलब्ध नहीं
  • पवन गुप्ता के पास क्यूरेटिव और दया याचिका है विकल्प

नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों के खिलाफ एक बार फिर डेथ वारंट जारी किया गया है। इस दफा तीन मार्च सुबह 6 बजे फांसी दिए जाने का वक्त मुकर्रर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वो दिन गुनगारों के लिए अंतिम दिन होगा या वो तालतिकड़म के जरिए एक बार फिर बच निकलने में कामयाब होंगे। अगर चारों दोषियों में से तीन मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के मामलों कों देखें तो अब उनके पास कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले पर निर्भया का मां ने कहा कि जिस तरह से दोषी अड़चनें पैदा कर रहे हैं उसे दुख होता है। लेकिन उन्हें यकीन है कि वो बच नहीं पाएंगें। 

सवाल यह हैं कि फांसी लगन में दो पेंच क्या है।

  • पहला यह है कि पवन गुप्ता के पास क्यूरेटिव और दया याचिका का विकल्प उपलब्ध है। 
  • दूसरा यह है कि अगर पवन फांसी से पहले क्यूरेटिव याचिका लगाता है तो उसके खारिज होने की संभावना ज्यादा है लेकिन अगर वो फांसी की तारीख यानि 3 मार्च से पहले लगाता है तो सुनवाई की वजह से फांसी टल सकती है। इसके अलावा पवन के पास एक और विकल्प है कि वो राष्ट्रपति के सामने दया याचिका लगाए और उसकी सुनवाई में देरी हो। 

इस बीच अक्षय के वकील ने एक बार नियमों की दुहाई देते हुए कहा कि वो एक बार फिर दया याचिका लगाना चाहते हैं, दरअसल अक्षय के माता पिता की तरफ से आधी अधूरी याचिका लगाई गई थी। उन्होंने अदालत से परमिशन मांगी थी। इसके साथ ही पवन ने अपने वकील वृंदा ग्रोवर को बदलने की अपील की थी। अब उसके केस की पैरवी रवि काजी कर रहे हैं। उसके वकील ने कहा कि वो दया याचिका दायर करेंगे।

दोषियों के परिवार ने मांगी रहम
अदालती कार्यवाही एक तरफ चल रही थी तो दोषियों के परिवार हाथों में तख्तियां लेकर फांसी न देने की अपील भी कर रहे थे। उनका कहना था कि एक मौत के लिए चार लोगों को फांसी नहीं दी जा सकती है। दोषियों के परिवार ने निर्भया की मां से अपील की थी रहम करते हुए वो दोषियों को एक चांस और दें। लेकिन निर्भया की मां ने कहा था कि दोषियों ने जो कृत्य किया है वो माफी के लायक नहीं है। उनके फांसी के तख्ते पर चढ़ने से समाज में बलात्कारी मानसिकता वालों में भय व्याप्त होगा। 

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