'मुंबई, सूरत, चेन्नई, कोलकाता पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, तेजी से बढ़ रहा समुद्र का जलस्तर'

देश
Updated Sep 26, 2019 | 11:31 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

क्लाइमेट चेंज पर संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था के द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट से चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस सदी के अंत तक समुद्री जल स्तर 1 मीटर तक बढ़ जाएगा।

sea level rise
क्लाइमेट चेंज  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • खतरनाक गति से बढ़ रहा है समुद्र का जल स्तर
  • देश के चार बड़े शहरों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा
  • UN की एक संस्था के द्वारा जारी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
  • इस सदी के अंत तक 1 मीटर तक बढ़ जाएगा समुद्र का जल स्तर

नई दिल्ली : भारत के चार समुद्रतटीय शहर कोलकाता, मुंबई, सूरत और चेन्नई का अस्तित्व खतरे के निशान पर है। समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है जिससे तटीय इलाकों में बसे इन शहरों के उपर खतरा मंडरा रहा है। वहीं दूसरी तरफ उत्तरी भारत के कई इलाकों में पानी की कमी भी एक विकराल समस्या का रुप ले रही है। सदी के अंत तक हिमालय के ग्लेशियर पिघल कर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा जिसका सीधा असर समुद्री तट के किनारे बसे शहरों पर पड़ेगा। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने बुधवार को क्लाइमेट चेंज विषय पर बात करते हुए इस तरफ इशारा किया।
यूएन बॉडी के मुताबिक समुद्र का जलस्तर पहले की मात्रा में काफी तेजी से बढ़ रहा है। ग्लेशियर के लगातार पिघलने से 2100 तक समुद्री जलस्तर 1 मीटर उपर तक पहुंच जाएगा जो किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। 

रिपोर्ट के मुताबिक इसका परिणाम विश्वभर में 1.4 बिलियन लोगों पर पड़ेगा। बुधवार को इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज के द्वारा 'ओशीयन एंड क्रायोस्फीयर' पर जारी एक रिपोर्ट में ये बातें बताई गई है।   

दुनियाभर के 45 तटीय शहरों में 4 भारतीय शहर हैं जहां समुद्री स्तर 50 सेंटीमीटर तक बढ़ने की कगार पर है। बुधवार को आईपीसीसी के द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि समुद्री जलस्तर के बढ़ने से तटीय जनजीवन पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

1982 से 2016 के बीच मरीन का तापमान भी दोगुने स्तर से बढ़ा है और ये लगातार खतरनाक स्तर पर बढ़ता जा रहा है।
करीब 7,000 रिसर्च पेपर्स की मदद से तैयार किए गए इस रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से पिघलते बर्फ के कारण इस सदी अंत तक समुद्र का जल स्तर 30-60 सेमी तक बढ़ जाएगा। इससे ग्लोबल वार्मिंग का भी खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है।

आगे ये भी कहा गया है कि अगर धरती पर रहने वाले मानव ग्रीन हाउस इफेक्ट गैसों का इसी तरह से तेजी से उत्सर्जन करते रहें तो समुद्री जल स्तर 60 से 110 सेमी तक बढ़ जाएगा, साथ ही 2100 तक वैश्विक तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाएगी। समुद्र का जलस्तर इस सदी में ऑलरेडी 15 सेमी तक बढ़ चुका है और यह प्रति वर्ष 3.6 मिमी के दर से बढ़ रहा है।

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