Mumbai Aarey: 2141 पेड़ काटने के बाद आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, MMRC ने कहा- अब नहीं काटेंगे

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Updated Oct 07, 2019 | 18:52 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Mumbai Aarey: मुंबई की आरे कॉलोनी के पेड़ काटने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने पर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्प लिमिटेड (MMRC) ने कहा कि अब तक 2141 पेड़ काटे जा चुके हैं और अब आवश्यकता नहीं है।

Aarey forest
आरे 

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट ने आरे कॉलोनी के पेड़ काटने पर रोक लगा दी है
  • MMRC ने कहा कि अब तक 2141 पेड़ काटे गए हैं, अब नहीं काटेंगे
  • सरकार ने कोर्ट में कहा कि जितनी आवश्यकता थी, उतने पेड़ काट लिए गए

मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड की स्थापना के लिए और अधिक पेड़ों कटाई पर रोक लगा दी। इस बीच मुंबई मेट्रो ने दावा किया कि 2,141 पेड़ काट दिए गए हैं। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्प लिमिटेड (MMRC) की तरफ से कहा गया है कि अब और पेड़ नहीं काटे जाएंगे। कार शेड के लिए 2600 से ज्यादा पेड़ों को काटा जाना था। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने स्वीकार किया कि जितने पेड़ काटने की आवश्यकता थी, पहले ही उनकी कटाई की जा चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एमएमआरसी ने कहा, 'हम आज पारित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। आरे मिल्क कॉलोनी में कार शेड साइट पर भविष्य में पेड़ की कटाई की कोई गतिविधि नहीं की जाएगी। पहले से ही काटे हुए पेड़ों को हटाने सहित अन्य कार्य साइट पर जारी रहेंगे।' 

बयान में आगे कहा गया, 'बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय के बाद 2,185 पेड़ों की कटाई 4 और 5 अक्टूबर, 2019 से शुरू की गई और आज तक 2,141 पेड़ गिर चुके हैं। इन्हें साइट से हटा दिया जाएगा और बाद में निर्माण गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।'

बंबई उच्च न्यायालय ने आरे कॉलोनी को वन घोषित करने से इनकार कर दिया था और मेट्रो शेड स्थापित करने के लिए हरित क्षेत्र में 2,600 से अधिक पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के मुंबई नगर निगम के फैसले को खारिज करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पेड़ों की कटाई शुरू हो गई थी।

इसके खिलाफ लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में 29 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें सशर्त जमानत मिली।

महाराष्ट्र और मुंबई के नागरिक निकाय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि मेट्रो शेड के लिए जितनी पेड़ों की कटाई करनी थी, वह पहले ही की जा चुकी है और वे और पेड़ नहीं काटेंगे। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया लेकिन कहा कि महाराष्ट्र सरकार का यह मानना चिंताजनक बात है कि जरूरी पेड़ों की कटाई पहले ही की चुकी है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कहा कि आरे क्षेत्र को जंगल नहीं घोषित करना सरकार की गलती थी और अफसोस जताया कि दो दिनों में करीब 2100 पेड़ काट दिए गए।

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