कोरोनावायरस से लड़ने में सबसे असरदार है ये तरीका, सर्वे में हुआ खुलासा

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आईएएनएस
Updated Mar 24, 2020 | 13:54 IST

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से लड़ने के असरदार तरीकों में से एक अच्छे से हाथ धोना है। इस बात की पुष्टि की जा चुकी है

Cleaning our hands one hit at a time
कोरोनावायरस से लड़ने के असरदार तरीकों में से एक अच्छे से हाथ धोना है।  

मुख्य बातें

  • कोरोना से लड़ने का सबसे बेहतरीन हथियार अच्छी तरह से हाथ धोना
  • 22 देशों में किए गए इस पोल में 20 हजार से अधिक उत्तरदाताओं से जवाब मांगे गए
  • 72 फीसदी लोगों ने कहा कि वे वायरस से बचाव के लिए हाथ धोने का इस्तेमाल कर रहे हैं

नई दिल्ली:  वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से लड़ने के असरदार तरीकों में से एक अच्छे से हाथ धोना है। इस बात की पुष्टि की जा चुकी है, ऐसे में 75 प्रतिशत वैश्विक उत्तरदाताओं ने कहा कि वह वायरस से लड़ने के लिए अपने हाथों को अच्छी तरह से धो रहे हैं।आईएएनएस-सीवीटर गैलप इंटरनेशनल एसोसएिशन कोरोना ट्रैकर 1 के एक सर्वे में यह बात सामने निकलकर आई।

22 देशों में हुआ सर्वे

22 देशों में किए गए इस पोल में 20 हजार से अधिक उत्तरदाताओं से जवाब मांगे गए। पिछले दो सप्ताह में प्रत्येक देश में पुरुषों और महिलाओं के प्रतिनिधि नमूने का साक्षात्कार आमने-सामने, या तो टेलीफोन या ऑनलाइन माध्यम से कराया गया। सर्वे के अनुसार, भारत में 72 फीसदी लोगों ने कहा कि वे वायरस से बचाव के लिए हाथ धोने का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान की बात करें, तो 59 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वायरस से लड़ने के लिए उन्होंने हाथ धोने को नहीं अपनाया है।

सबसे असरदार हथियार हाथ धोना

सूची में ऑस्ट्रियाई लोगों ने कोविड-19 से लड़ने के लिए हाथ धोने को सबसे अधिक असरदार माना और 91 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे वायरस से सुरक्षा के लिए नियमित तौर पर हाथ धोते हैं। ऑस्ट्रिया के बाद अन्य यूरोपी देश बुल्गारिया और बोस्निया एंड हजेर्गोविना इस सूची में शामिल हैं, जहां क्रमश: 89 प्रतिशत और 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे हाथ धोने का गंभीरता से ले रहे हैं।

दुनिया के कई देशों में हालात बद से बदतर 

कोरोनावायरस का कहर इस वक्त पूरी दुनिया में छाया हुआ है और इटली इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है, लेकिन इन सबके बावजूद इटली की 60 प्रतिशत जनसंख्या खुद को इस घातक वायरस से बचाने के लिए दस्ताने का इस्तेमाल नहीं कर रही है। आईएएनएस-सीवोटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोरोना ट्रैकर-1 की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है।

सबसे ज्यादा मुसीबत झेल रहा है इटली

दुनियाभर के 22 देशों में 20 हजार लोगों के बीच किए गए इस सर्वे के मुताबिक, दुनियाभर में इटली फिलहाल कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है और यहां की महज 14 प्रतिशत आबादी का ही ऐसा कहना है कि वे इस वायरस से बचने के लिए दस्ताने का इस्तेमाल कर रहे हैं।इस सूची में सबसे खराब प्रदर्शन टर्की का रहा है, जहां की महज 2 आबादी का ऐसा कहना है कि वे अपने हाथों में दस्ताने पहन रहे हैं, जबकि 98 प्रतिशत लोग इसके खिलाफ हैं।

टर्की के बाद नीदरलैंड्स की बारी आती है क्योंकि यहां के 96 प्रतिशत लोग दस्ताने पहनना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। भारत में सोमवार तक कोविड-19 मामलों की संख्या बढ़कर 415 हो गई और यहां की महज सात प्रतिशत जनसंख्या का ऐसा कहना है कि वे दस्ताने का उपयोग खुद को इस महामारी से बचाने के चलते कर रहे हैं। इस सर्वे के लिए हर देश की जनसंख्या के एक प्रतिनिधि नमूने से पिछले दो हफ्तों में या तो आमने-सामने बात की गई या फिर टेलीफोन या ऑनलाइन उनसे संपर्क कर इस बारे में जानकारी हासिल की गई।
 

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