मोदी सरकार के मंत्रियों के 'अजब बोल' बढ़ा रहे सरकार की दिक्कतें, विपक्ष को भी दे रहे मौका

देश
Updated Sep 15, 2019 | 19:00 IST

मोदी सरकार 2.0 में शामिल कुछ मंत्री अपने अटपटे बोल और अजीब तर्कों की वजह से लोगों के निशाने पर तो आ ही रहे हैं साथ ही विरोधी पार्टियों के नेताओं को भी सरकार की आलोचना का मुद्दा थमा रहे हैं। 

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मोदी सरकार के मंत्रियों के 'अजब बोल' हो रहे हैं सोशल मीडिया पर ट्रोल 

नई दिल्ली: केंद्र की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार तमाम बड़े निर्णय कर उन्हें कार्यान्वित करने की कवायद में जुटी है, इसके लिए वो बकायदा प्लान बनाकर और सटीक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं और सभी मंत्रियों को खास हिदायत है कि काम के मोर्चे पर कोई रियायत नहीं सभी को रिजल्ट ओरियंटेंड काम करना है जिससे देश की जनता का हित हो और देश आगे बढ़े। 

मगर सरकार में शामिल कुछ मंत्री इन दिनों कुछ अजीब बोलकर विवादों में घिर रहे हैं और जिसकी वजह से विपक्ष को बैठे बिठाए सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल रहा है वहीं सोशल मीडिया की प्रभावी उपस्थिति के बीच जनता उन्हें खासा ट्रोल भी कर रही है। 

ज्यादा पीछे जाने की जरुरत नहीं है देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आटो सेक्टर में मंदी की वजह ओला और उबर जैसी सेवाओं का बढ़ता उपयोग बताया था, सीतारमण ने कहा था कि आजकल लोग गाड़ी खरीदकर ईएमआई भरने से ज्यादा मेट्रो में सफर करना या ओला-उबर का उपयोग करना पसंद करते हैं। इस बयान के बाद वो लोगों के निशाने पर आ गईं और उनकी इस बात को ट्विटर जैसे सशक्त माध्यम पर खूब ट्रोल किया गया।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने न्यूटन का क्रेडिट आइंस्टीन को दे डाला
वहीं देश के रेलमंत्री पीयूष गोयल भी अपने एक गलत कथन की वजह से लोगों के निशाने पर आ गए थे बताया जाता है कि ये सवाल उठा था कि मौजूदा दर से भारत 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था कैसे बनेगा तो पीयूष गोयल ने सुझाव दिया कि हिसाब-किताब में मत पड़िए, इस दौरान उन्होंने न्यूटन का क्रेडिट आइंस्टीन को दे डाला था उन्होंने कहा था कि गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज आइंस्टीन नहीं कर पाते अगर वो हिसाब-किताब में पड़ते...बस फिर क्या था ट्रोलर्स पीयूष गोयल के पीछे पड़ गए थे।  

'देश में रोजगार की नहीं बल्कि काबिल लोगों की कमी' 
वहीं केंद्र की मोदी सरकार के श्रम व रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने देश में रोजगार की कमी के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि देश में रोजगार की नहीं बल्कि काबिल लोगों की कमी है। 

 

 

उन्होंने कहा कि हमारे उत्तर भारत में जो भर्तियां करने आते हैं इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम रख रहे हैं उसकी क्वालिटी का व्यक्ति हमें कम मिलता है। अगर किसी को अच्छा रोजगार चाहिए तो उसके लिए उसे काबिल होना चाहिए। हम उसी हिसाब से काम कर रहे हैं अब रोजगार की कमी नहीं रहेगी। 

 

 

श्रम मंत्री के इस बयान पर बहुजन समाज पार्टी का सुप्रीमो मायावती ने सरकार पर हमला किया वहीं कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने भी गंगवार पर निशाना साधा।

तकनीकी विकास की वजह से बेरोजगारी बढ़ी
अब इस माहौल में अपने बयानों के लेकर अलग ही पहचान रखने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कैसै पीछे रहते उन्होंने भी बेरोजगारी पर बयान देते हुए कहा कि देश में तकनीकी विकास की वजह से बेरोजगारी बढ़ी है। अठावले ने कहा, 'इन दिनों लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं क्योंकि तकनीकी विकास तेजी से हो रहा है। पहले जिस फैक्ट्री को चलाने के लिए 1000 लोग की जरूरत होती थी अब उसे 200 लोगों को मदद से भी चलाया जा सकता है।'

उन्होंने कहा कि एक शख्स दो मशीनों को चला रहा है और इन मशीनों को चलाने के लिए पहले 10 लोगों की जरूरत होती थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को नौकरी देने का भार सरकार के कंधों पर ही आ गया है। अठावले ने कहा कि 'सरकार इसके लिए काम कर रही है और विभिन्न योजनाओं की मदद से की स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है।'

अब ऐसे में जहां मोदी सरकार जनता से मिले प्रचंड बहुमत के बाद देश के विकास में लगे हैं ऐसे में ये बयान और तर्क सरकार को असहज कर रहे हैं और विपक्ष को भी मौका दे रहे हैं कि वो सरकार पर हमला कर सके। 

 

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