प्रधानमंत्री मोदी से आज मिलेंगी ममता बनर्जी, प. बंगाल के भाजपा नेताओं ने साधा निशाना 

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Updated Sep 18, 2019 | 13:18 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

पीएम मोदी के साथ ममता की इस बैठक को लेकर अटकलें भी लगनी शुरू हो गई हैं। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री खुद को और अपने भतीजे को एजेंसियों की जांच से बचाना चाहती हैं।

Mamata Banerjee to meet PM Modi today, BJP leaders target West Bengal's CM
प्रधानमंत्री मोदी से आज मिलेंगी ममता बनर्जी। (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगी ममता बनर्जी, दूसरी बार सत्ता में आने के बाद यह पहली मुलाकात
  • नीति आयोग एवं मुख्यमंत्रियों की बैठकों से ममता बनर्जी ने बनाई है दूरी, मुलाकात पर उठे सवाल
  • पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं को आरोप-खुद और भतीजे को जांच से बचाना चाहती हैं सीएम

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगी। केंद्र की सत्ता में मोदी सरकार की वापसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी यह पहली मुलाकात है। लोकसभा चुनावों के दौरान दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग देखने को मिली थी। ममता ने पीएम मोदी पर तीखे हमले किए थे। यहां तक कि कटुता इतनी बढ़ गई थी कि ममता ने प्रधानमंत्री से मिलने से इंकार कर दिया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री राजनीतिक कारणों का हवाला देकर पीएम मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुई थीं। ममता ने नीति आयोग और पीएम के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक से भी दूरी बनाई। 

प्रधानमंत्री के साथ ममता के इस मुलाकात पर पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि 'ममता बनर्जी खुद को और अपने भतीजे को बचाना चाहती है।' भाजपा नेता मुकुल राय ने ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुई लेकिन आज वह क्यों उनसे मिलने जा रही हैं?

पीएम मोदी के साथ उनकी इस मुलाकात को लेकर अटकलें भी लगनी शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो सारदा चिटफंड केस में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार पर सीबीआई के कसते शिकंजे से ममता उन्हें बचाना चाहती हैं। सारदा चिट फंड घोटाले में सीबीआई राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। राजीव कुमार अभी पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं। 

राजीव कुमार, ममता बनर्जी के भरोसेमंद माने जाते हैं। गत फरवरी में सीबीआई जब राजीव कुमार को नोटिस देने उनके घर पहुंची थी तो पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक तरह से जांच एजेंसी के अधिकारियों को बंधक बना लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी राजीव कुमार के समर्थन में धरने पर बैठ गईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता प्रधानमंत्री से मिलकर राजीव कुमार पर सीबीआई जांच की आंच से बचाना चाहती हैं। सारधा चिट फंड घोटाले के तार टीएमसी के कई नेताओं से जुड़े हैं। राजीव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने घोटाले की जांच में मिले साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की। समझा जाता है कि सीबीआई कुमार को हिरासत में लेकर अगर पूछताछ करती है तो वह सनसनीखेज खुलासे कर सकते हैं।   

मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना होते समय ममता ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर संयुक्त रूप से कई विकास कार्यक्रम चलाते हैं और पश्चिम बंगाल के लिए केंद्र सरकार के राशि जारी करनी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हिस्से की राशि जारी कराने के लिए वह प्रधानमंत्री से मिलने जा रही हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'इसके अलावा पीएसयू में विनिवेश, कंपनियों मुख्यालयों के स्थानांतरण, एनआरसी सहित कई विषयों पर प्रधानमंत्री से चर्चा होनी है।' ममता ने अपनी बातचीत से यह संदेश देने की कोशिश की कि पीएम के साथ उनकी यह एक सामान्य मुलाकात है।  

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