हार के बाद जागीं ममता बनर्जी, जारी किए टीएमसी हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट, 10000 गांव में जाएंगे कार्यकर्ता

देश
Updated Jul 29, 2019 | 20:51 IST | रामानुज सिंह

लोकसभा चुनाव 2019 में हार से परेशान पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ये कदम उठाए हैं।

Mamata Banerjee
Mamata Banerjee  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • लोकसभा चुनाव 2019 में टीएमसी सांसदों की संख्या 2014 में 34 के मुकाबले घटकर 22 रह गईं
  • लोकसभा सदस्यों की संख्या घटने से परेशान ममता बनर्जी ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मदद ली
  • ममता ने अब जनता की शिकायतें सुनने के लिए हेल्पलाइन नंबर और एक वेबसाइट शुरू किए
  • ममता अगले 100 दिनों में 1000 से अधिक पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं को 10000 गांवों में भेज रही हैं ताकि लोगों की शिकायतों को सुनकर हल किया जा सके

कोलकाता : लोकसभा चुनाव 2019 में खराब प्रदर्शन से परेशान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को एक पार्टी हेल्पलाइन नंबर और एक वेबसाइट शुरू की ताकि जनता तक पहुंच बनाई जा सके। उन्होंने 10 डिजिट का हल्पलाइन नंबर 9137091370 और वेबसाइट www.didikebolo.com लॉन्च करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेता और कार्यकर्ता के राज्य भर में फैन होंगे। वे लोगों के साथ समय बिताएंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे। बनर्जी ने कहा, 'अगले 100 दिनों में, 1,000 से अधिक पार्टी नेता और कार्यकर्ता राज्य के 10,000 गांवों में पहुंचेंगे, स्थानीय लोगों के साथ दिन भर रहेंगे और उनकी शिकायतों को हल करेंगे।'

उन्होंने टीएमसी विधायकों और पार्टी के सीनियर के सात बैठक के बाद मीडिया को बताया कि लोग हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट के जरिए सीधे हमसे संपर्क कर सकते हैं और अपने मुद्दों को रख सकते हैं। हम उनके साथ बात करने की कोशिश करेंगे। वे हमारे साथ अपनी राय और विचार साझा कर सकते हैं। वे हमसे सीधे बात कर सकते हैं।

टीएमसी के सूत्रों के मुताबिक, बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने का कार्यक्रम चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के दिमाग की उपज है। जिनकी संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) को हाल ही में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी ने 2021 विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति तैयार करने के लिए नियुक्त किया है। 

हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या कार्यक्रम को 2021 के राज्य चुनावों को ध्यान में रखते हुए लॉन्च किया गया है। पार्टी सुप्रीम ने जवाब दिया नहीं और कहा कि हमारी पार्टी ने  आम लोगों तक पहुंचने के लिए कई कदम उठाती रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव अभी भी 20 महीने दूर हैं। लोगों तक पहुंचने का यह कार्यक्रम विधानसभा चुनावों के उद्देश्य से नहीं है।

यह पहली बार है कि टीएमसी ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और एक वेबसाइट बनाई है, जो जनता तक पहुंचने और उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए है। यह कदम लोकसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के कुछ ही महीने बाद आया है। इस चुनाव में बीजेपी ने टीएमसी को बहुत बड़ा झटका दिया।

2019 के लोकसभा चुनाव मे टीएमसी ने 22 सीटें जीतीं। जबकि 2014 के चुनाव में 34 सीटों पर सफलता मिली थी। जबकि दूसरी ओर 2019 में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में कुल 42 में से 18 लोकसभा सीटें जीतीं। साथ ही 40.5 प्रतिशत वोट हासिल करके भारी बढ़त बनाई। यहां बीजेपी को 2014 में सिर्फ दो सीटें थीं। 

पश्चिम बंगाल में शानदार जीत के बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि उनका उद्देश्य अब टीएमसी को सत्ता से बेदखल करना है। तृणमूल कांग्रेस 2011 से सत्ता में है। जब उन्होंने राज्य में सीपीएम की अगुवाई वाली वाम मोर्चा के 34 साल पुराने शासन को समाप्त कर दिया था।

टीएमसी के एक सीनियर नेता ने कहा, 'प्रशांत किशोर बड़े पैमाने पर जनता तक पहुंचने के कार्यक्रम के पीछे हैं। इस कार्यक्रम के फीडबैक की जांच किशोर और उनकी टीम द्वारा की जाएगी। जो इसका इस्तेमाल पार्टी की रणनीति तैयार करने और खामियों को दूर करने के लिए करेंगे।' I-PAC के सदस्यों को TMC की बैठक के दौरान नजरुल मंच में देखा गया था।

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