Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र का रोमांचक शनिवार, रात को बाजी पलट गई, जानें पूरे दिन क्या कुछ हुआ

देश
लव रघुवंशी
Updated Nov 24, 2019 | 09:53 IST

Maharashtra Political Crisis 2019: शनिवार का पूरा दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद हलचल भरा रहा। सुबह जिस खेमे ने बाजी मारी, शाम होते-होते बाजी दूसरे खेमे के हाथ लग गई।

Maharashtra
महाराष्ट्र में पल-पल बदल रही राजनीति  |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली/मुंबई: शनिवार की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कुछ हुआ, जिससे पूरा देश चौंक गया। चुनाव के एक महीने बाद वहां सरकार बन गई थी। राष्ट्रपति शासन हट चुका था। देवेंद्र फडणवीस दोबारा मुख्यमंत्री बन चुके थे, एनसीपी के अजित पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके थे। ये तब हुआ जब ज्यादातर लोग सो रहे थे या नींद से उठे ही थे। जिसे भी ये खबर पता चली उसके लिए एक बार विश्वास करना मुश्किल हुआ। बाद में धीरे-धीरे खबरों से पता चला कि रात में सबकुछ हो गया और सुबह-सुबह महाराष्ट्र को सरकार मिल गई।

दरअसल, शुक्रवार को ये तय हुआ था कि शनिवार को शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान हो जाएगा और उद्धव ठाकरे के नेतत्व में राज्य में सरकार बनेगी। शनिवार को इसका ऐलान होता उससे पहले बीजेपी ने अजित पवार के साथ मिलकर वहां सरकार बनाने की तैयारी कर ली थी। 
ये खबर आने के बाद से जनता के साथ-साथ राजनैतिक दलों में भी खलबली मचनी शुरू हो गई। एक के बाद एक बयान आने लगे। दिनभर बैठकों का दौर चला। और शाम होते-होते राज्य में नए समीकरण बन गए।

यहां पढ़े दिनभर के अपडेट

  1. सुबह 8 बजे करीब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस ने और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दोनों ने स्थिर सरकार देने की बात की। पवार ने कहा, 'राज्य कई समस्याओं से गुजर रहा है, इसलिए स्थिर सरकार की जरूरत है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत फडणवीस और पवार को बधाई मिलने लगीं।
  2. थोड़ी देर बाद शरद पवार ने स्पष्ट किया कि ये अजित पवार का व्यक्तिगत निर्णय है न कि एनसीपी का। शिवसेना के संजय राउत मीडिया के सामने आते हैं और कहते हैं, 'शरद पवार साहब का इससे कोई लेना-देना नहीं है, अजित पवार ने महाराष्ट्र के लोगों को धोखा दिया है।'
  3. बीजेपी की तरफ से दावा किया गया कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है। वे विधानसभा के पटल पर बहुमत साबित कर देंगे। एनसीपी सांसद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले का व्हाट्सऐप स्टेटस था, 'पार्टी और परिवार टूट गया।'
  4. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने दावा किया, 'हमने विधायकों से उपस्थिति के लिए हस्ताक्षर लिए थे, इसका दुरुपयोग किया गया। ये धोखे से बनी सरकार है।'
  5. दोपहर 12:30 बजे शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पवार ने कहा, 'सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी नेता एक साथ आए। हमारे पास संख्या थी। हमारे साथ हमारे आधिकारिक नंबर थे- 44, 56 और 54। सभी विधायकों ने सरकार का समर्थन किया था। कई स्वतंत्र भी हमारे साथ थे और हमारी संख्या 170 के आसपास थी। अजित पवार का फैसला पार्टी लाइन के खिलाफ है और अनुशासनहीनता है। कोई एनसीपी नेता या कार्यकर्ता एनसीपी-भाजपा सरकार के पक्ष में नहीं है।'  
  6. एनसीपी विधायक राजेंद्र शिंगेन ने कहा कि अजित पवार ने मुझे कुछ चर्चा करने के लिए बुलाया था और वहां से मुझे अन्य विधायकों के साथ राजभवन ले जाया गया। इससे पहले कि हम समझ पाते शपथ समारोह पूरा हो गया। मैं पवार साहब के पास गया और उनसे कहा कि मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूं। एनसीपी के दो और विधायकों संदीप क्षीरसागर और सुनील भुसारा ने आरोप लगाया कि उन्हें भी अनजाने में शपथ समारोह में ले जाया गया और अब वे वापस आ गए हैं और शरद पवार को समर्थन देते हैं। 10-11 एनसीपी विधायक शपथ समारोह में गए।
  7. इसके थोड़ी देर बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अहमद पटेल ने कहा, 'महाराष्ट्र के इतिहास में आज एक काला दिन है। सब कुछ जल्दबाजी में किया गया। कहीं कुछ गड़बड़ है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।'
  8. दोपहर 2:30 बजे करीब बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'चुनाव प्रचार के दौरान देवेंद्र फडणवीस के नाम को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया था। भाजपा का समर्थन आधार और देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने की संभावना ने शिवसेना उम्मीदवारों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी है और महाराष्ट्र एक बड़ा राज्य है। यह पिछले दरवाजे के माध्यम से मुंबई को नियंत्रित करने के लिए (एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन) एक साजिश थी। थोड़ी देर बाद देवेंद्र फडणवीस मुंबई में बीजेपी दफ्तर पहुंचे और कहा, 'हम स्थिर सरकार देंगे। मोदी है तो मुमकिन है।'
  9. शनिवार शाम को एनसीपी विधायक दल की बैठक शुरू हुई। करीब 50 विधायक बैठक में पहुंचे। अजित पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटाया गया। जयंत पाटिल को एनसीपी का विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक के बाद नवाब मलिक ने कहा, 'हमारे 5 विधायक हमारे संपर्क में नहीं हैं, 6 आने वाले हैं और बाकी आ गए हैं। संख्या के आधार पर हम स्पीकर के चुनाव में सरकार को हरा देंगे। जिसके बाद महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की सरकार जरूर बनेगी।' उद्धव ठाकरे भी ललित होटल में अपने विधायकों से मिले।
  10. देवेंद्र फडणवीस को जिस तरीके से शपथ दिलाई गई और सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने जिस तरह आमंत्रित किया, इसके खिलाफ शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 11:30 बजे सुनवाई करेगा। एनसीपी के सभी विधायकों को मुंबई के एक होटल में रखा गया है।

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर