महंत धरमदास ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए शुरू किया हनुमान चालीसा पाठ

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Updated Sep 10, 2019 | 16:08 IST

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद टायटल विवाद में एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई चल रही है तो दूसरी ओर मुकदमेबाज महंत धर्मदास ने अन्य पुजारियों के साथ हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया।

Ram temple in Ayodhya
Ram temple in Ayodhya  |  तस्वीर साभार: IANS

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद टायटल विवाद में प्राथमिक मुकदमा लड़ने वाले महंत धरमदास ने अन्य पुजारियों के साथ सोमवार को यहां हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया और कहा कि यह तब तक जारी रहेगा जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता। धरमदास ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि एक महीने के भीतर फैसला राम मंदिर निर्माण के पक्ष में आ जाएगा।

महंत मधुबन दास सिद्ध ने कहा कि हम भगवान हनुमान से प्रार्थना कर रहे हैं ताकि वह राम मंदिर मामले में होने वाली सभी समस्याओं का समाधान करें। हम चाहते हैं कि फैसला हमारे पक्ष में आए। उन्होंने कहा कि धर्म दास जी महाराज मठ के महंत हैं। वह इस मामले में मुख्य मुकदमेबाज हैं। इस मामले में उनके गुरु अभिराम बाबा दास के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा कई मामले दायर किए गए थे। जब मंदिर का प्रभार ले लिया गया। मंदिर में उनके शिष्य धरमदास जी पुजारी थे और वह एक मात्र उत्तराधिकारी हैं।

स्थानीय निवासी डॉ संतन कुमार पांडे ने कहा कि हनुमान पाठ इस मामले में सभी कठिनाइयों को दूर करेगा। हर किसी को हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। हम मंदिर निर्माण होने तक अपना पाठ जारी रखेंगे। यह धर्म दास जी के मार्गदर्शन में किया गया। 

शीर्ष अदालत मामले में दिन-प्रतिदिन की सुनवाई कर रही है। 2010 की इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 14 अपीलें लंबित हैं, जिसमें तीनों पक्षों के बीच अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लल्ला के बराबर विभाजन का आदेश दिया गया था। 16 वीं शताब्दी के बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों ने गिरा दिया था।

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