मध्य प्रदेश में खिलेगा 'कमल', जाएगी कमलाथ सरकार, दिग्विजय सिंह ने मानी हार बोले- हमारे पास नहीं है बहुमत

देश
किशोर जोशी
Updated Mar 20, 2020 | 09:23 IST

मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी सियासी उठापठक के आज थमने के आसार नजर आ रहे हैं। खबरों की मानें तो कमलनाथ फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा दे सकते हैं।

Madhya Pradesh Digvijay Singh accepts defeat says we don't have majority kamal nath likely to resign
तो इस्तीफा देंगे कमलनाथ, दिग्गी बोले- बहुमत हमारे पास नहीं  
मुख्य बातें
  • मध्य प्रदेश के सियासी ड्रामे पर आज लग सकता है ब्रेक, इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ
  • बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले- हमारे पास नहीं है बहुमत
  • सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आज बहुमत परीक्षण कराने का दिया है आदेश

भोपाल: मध्य प्रदेश के सियासी संकट के हल होने के आसार अब नजर आने लगे हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष एन पी प्रजापति को शक्ति परीक्षण के लिये शुक्रवार को सदन का विशेष सत्र बुलाये जाने और यह प्रक्रिया शाम पांच बजे तक पूरी करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब कमलनाथ सरकार का गिरना लगभग तय हो गया है। 

दिग्गी बोले- हमारे पास नहीं है बहुमत

 मध्य प्रदेश संकट पर मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'हमारा अपने 22 विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। आज की परिस्थिति में नंबर हमारे पास नहीं हैं. हमारे 22 विधायक 9 तारीख से गायब हैं फोन नहीं उठा रहे हैं, पुलिस के घेरे में उन्हें रखा है उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में कैसे बहुमत साबित कर पाएंगे। सरकार के पास बहुमत नहीं है। मान के चलिए कि कमलनाथ जी जो करेंगे वो आत्मसम्मान के साथ करेंगे।'

क्या है समीकरण

कोर्ट के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कांग्रेस के बाकी बचे हुए सभी 16 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए है। इससे पहले प्रजापति कांग्रेस के छह बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर चुके हैं। इस प्रकार अब सभी 22 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो गए हैं। ऐसे में साफ तौर पर अब कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है जिसका गिरना तय है। मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। इनमें से दो विधायकों (एक कांग्रेस एवं एक भाजपा) का निधन हो जाने से वर्तमान में दो सीटें खाली हैं और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद अब सदन में कुल 206 रह गई है।

कोर्ट के निर्देश के बाद कमलनाथ ने किया था ट्वीट

इससे पहले कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा था, ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश का और इसके हर पहलू का हम अध्ययन करेंगे। विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे, सलाह लेंगे और फिर उसके आधार पर निर्णय लेंगे।’ कमलनाथे के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया था। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को शाम पांच बजे तक मध्य प्रदेश विधानसभा में हाथ उठाकर शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने विधानसभा की कार्यवाही की वीडियोग्राफी करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा था।

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