35 A खत्म करने के खिलाफ क्यों बार-बार फूटता है महबूबा का गुस्सा, फिर से दिया ये विवादित बयान

देश
Updated Jul 28, 2019 | 14:28 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

जम्मू कश्मार में 35 ए पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने 35 ए के साथ छेड़ छाड़ करने की कोशिश की तो वह बारुद को छेड़ने के बराबर होगा।

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35 A पर महबूबा मुफ्ती का विवादित बयान  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35 ए पर फिर की विवादित टिप्पणी
  • 35 ए हटाने के खिलाफ दिया चेतावनी भरा बयान
  • पहले भी इस मुद्दे पर कई बार भड़काउ बयान दे चुकी हैं महबूबा
  • केंद्र ने की घाटी में 10,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती

श्रीनगर : केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर घाटी में 10,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी के मद्देनजर राज्य में कानून व्यवस्था नियंत्रण में करने के लिए घाटी में विशेष बलों की तैनाती की जा रही है। दरअसल मोदी सरकार पार्ट 2 के गठन के बाद से ही कश्मीर से धारा 370 को हटाने और अनुच्छेद 35 ए को खत्म करने की बात उठती रही है। घाटी में सैनिकों की तैनाती को इस चीज से भी जोड़ कर देखा जा रहा है कि सरकार ने 35 ए को खत्म करने की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। 

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी लीडर महबूबा महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर में 35 ए लागू किए जाने के संदर्भ में बेहद तीखी टिप्पणी की है। मुफ्ती ने श्रीनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 35 ए के साथ छेड़ छाड़ करना बारुद को हाथ लगाने के बराबर होगा। जो हाथ 35 ए के साथ छेड़ छाड़ करने के लिए उठेगा वो हाथ ही नहीं वो सारा जिस्म भी जल के राख हो जाएगा।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त 100 कंपनियों को तैनात करने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुए शनिवार को कहा कि यह एक ‘राजनीतिक समस्या’ है, जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा ने कहा कि केंद्र को अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरुस्त करना होगा।

घाटी में सैनिकों की तैनाती पर कहा
महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘घाटी में अतिरिक्त 10,000 सैनिकों को तैनात करने के केंद्र के फैसले ने लोगों में भय पैदा कर दिया है। कश्मीर में सुरक्षा बलों की कोई कमी नहीं है। जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरूस्त करने की जरूरत है।’

उल्लेखनीय है कि केंद्र ने आतंकवाद निरोधक अभियानों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कश्मीर घाटी में केंद्रीय बलों के करीब दस हजार कर्मियों को भेजने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 जुलाई को तत्काल आधार पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 100 कंपनियां तैनात करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि 100 और कंपनियां घाटी में भेजे जाने की संभावना है। एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं।

घाटी में 10,000 सैनिक भेजे जाएंगे
उन्होंने बताया कि ये इकाइयां सीआरपीएफ (50 कंपनियां), एसएसबी (30 कंपनियां) और आईटीबीपी एवं बीएसएफ से (10-10 कंपनियां) ली जाएंगी। उन्हें विमानों और ट्रेनों से पहुंचाया जा रहा है।

समझा जाता है कि नयी इकाइयां घाटी में पहले से तैनात सुरक्षाबलों का हाथ मजबूत करेंगी जो वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं और रोजाना आतंकवाद निरोधक अभियान चला रहे हैं। ये जवान घाटी में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की करीब 65 नियमित बटालियनों और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए तैनात अन्य बलों की 20 अन्य बटालियनों के अतिरिक्त होंगे। यात्रा 15 अगस्त को समाप्त होगी।

35 ए पर पहले भी भड़क चुकी हैं महबूबा
इससे पहले भी महबूबा मुफ्ती 35 ए पर भड़काउ बयान दे चुकी हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मुफ्ती ने कहा था कि अनुच्छेद 35 ए में अगर किसी तरह का कोई बदलाव किया जाता है तो लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की बजाय किसी और झंडे को भी अपने हाथ में थाम सकते हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने कश्मीर में धारा 370 और 35 को लेकर वादा किया था कि सत्ता में आने पर इसे समाप्त किया जाएगा।

क्या है आर्टिकल 35 ए

  1. अनुच्छेद 35-ए  जम्मू-कश्मीर के स्थायी नागरिकों को विशेष शक्तियां प्रदान करता है।
  2. यह अनुच्छेद अन्य राज्य के व्यक्तियों को वहां अचल संपत्तियों के खरीदने एवं उनका मालिकाना हक प्राप्त करने से रोकता है।
  3. इस अनुच्छेद के मुताबिक, दूसरे राज्यों का व्यक्ति वहां हमेशा के लिए बस नहीं सकता और न ही राज्य की ओर से मिलने वाली योजनाओं का लाभ उठा सकता है। 
  4. इस आर्टिकल के अनुसार, यदि कोई महिला राज्य से बाहर के किसी व्यक्ति से शादी करती है तो उसका संपत्ति का अधिकार छीन जाता है। 
  5. कोई भी बाहरी शख्स राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले सकता है और ना राज्य में सरकारी नौकरी पा सकता है।

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