जम्मू-कश्मीर को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार ने तेज किए प्रयास, AIIMS का हुआ भूमि पूजन 

देश
आलोक राव
Updated Feb 14, 2020 | 17:25 IST

Jammu Kashmir : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां स्थितियां तेजी से सामान्य हो रही हैं। केंद्र सरकार वहां की जनता को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

Jitendra Singh says center goal is to speed up pace of development in Jammu Kashmir
सांबा में एम्स का हुआ भूमि पूजन। 

मुख्य बातें

  • जम्मू-कश्मीर से गत पांच अगस्त को हटा अनुच्छेद 370, राज्य को बनाया गया केंद्रशासित प्रदेश
  • राज्यों में विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही सरकार, लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के जारी हैं प्रयास
  • हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्रियों एवं विदेशी शिष्टमंडल ने किया है जम्मू-कश्मीर का दौरा

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद राज्य को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने और वहां के लोगों का प्रशासन में भरोसा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। सांबा में नए एम्स के लिए भूमिपूजन करने के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में विकास की गतिविधियां तेज करना है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई।  

सिंह ने गुरुवार को सांबा में कहा, 'केंद्र सरकार का एकमात्र लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में विकास की गति तेज करना है। यहां अस्पतालों का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है और इससे जम्मू एवं कश्मीर के विकास में मदद मिलेगी।' केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर ऐसा पहला केंद्रशासित प्रदेश है जहां पर दो एम्स का निर्माण किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने पिछले साढ़े पांच साल में जम्मू-कश्मीर में दो एम्स और नौ नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की मंजूरी दी है। सांबा जिले के विजयपुर में 1,661 करोड़ रुपए की लागत से एम्स का निर्माण होगा और मार्च 2023 में यह अस्पताल लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की निगरानी में एम्स का निर्माण होगा। केंद्रीय मंत्री ने सरकार के विकास कार्यों की बदौलत राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद भी जताई।  

विदेशी शिष्टमंडल का दौरा
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां स्थितियां तेजी से सामान्य हो रही हैं। केंद्र सरकार वहां की जनता को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार में लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए हाल ही में केंद्रीय मंत्रियों के एक दल ने राज्य का दौरा किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। गुरुवार को यूरोपीय एवं पश्चिमी देशों का एक शिष्टमंडल घाटी का दौरा कर नई दिल्ली लौटा। यह शिष्टमंडल वहां लोगों से मिला और अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए बदलावों के बारे में उनसे बातें कीं। 

'ऐसा लगा घाटी में सबकुछ पहले जैसा है'
शिष्टमंडल में शामिल भारत में मेक्सिको के राजदूत एफएस लोत्फे ने नई दिल्ली आने पर कहा, 'इस यात्रा से हमें जम्मू-कश्मीर की पूरी तस्वीर देखने को मिली। ऐसा लगा कि घाटी में सबकुछ पहले जैसा है। इसका मतलब यह नहीं है कि वहां अब कोई समस्या नहीं है लेकिन वहां लोगों में मुख्य धारा में लौटने की इच्छा दिखाई दी। अधिकारी भी राज्य में नए तरीके से काम करने के लिए तैयार दिखे।'  

गत 5 अगस्त को अनुच्छेद हटा
भारत सरकार ने गत पांच अगस्त को ऐतिहासिक फैसला लिया। भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करते हुए इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। साथ ही राज्य में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संचार प्रतिबंध लगे और स्थानीय एवं अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया गया। जम्मू-कश्मीर में स्थितियों के सामान्य होने पर ज्यादातर नेताओं को रिहाई हो गई है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखा गया है। 

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