क्या गांधी परिवार के बिना नहीं है कांग्रेस का कोई भविष्य?

देश
Updated Jul 30, 2019 | 15:19 IST | मनोज यादव

कांग्रेस नेताओं के बयानों के बाद यह साफ होता जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष की खोज अब पूरी होने वाली है। ज्यादातर नेता प्रियंका गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में बयान दे रहे हैं।

Sonia rahul and priyanka gandhi
कांग्रेस पार्टी में नए अध्यक्ष की खोज तेज (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: PTI
मुख्य बातें
  • लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने दिया अध्यक्ष पद से इस्तीफा
  • 1998 से 2017 तक सोनिया गांधी के हाथों में थी कांग्रेस की कमान
  • लोकसभा चुनाव पूर्व प्रियंका गांधी को पार्टी महासचिव बनाया गया था

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, कांग्रेस कार्यसमिति ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया और उनसे अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए अनुरोध किया। लेकिन राहुल गांधी ने उस समय कहा कि उनके उत्तराधिकारी की तलाश जल्द से जल्द पूरी की जाए। कांग्रेस कार्य समिति की तरफ से यह काम अभी तक पूरा नहीं किया जा सका। 

इस बीच कई कांग्रेस नेताओं की तरफ से अलग-अलग नामों पर सुझाव दिए गए। काफी दिनों तक कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं जैसे- मल्लिकांर्जुन खडगे, सुशील कुमार शिंदे, अशोक गहलोत के नाम सुर्खियों में रहे कि शायद इनमें से कोई कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभाल लें। लेकिन ऐसी किसी भी खबर पर कांग्रेस कार्य समिति की तरफ से मुहर नहीं लगी। बीच-बीच में कई और नेताओं के सुझाव आते रहे कि किसी युवा को कांग्रेस अध्य़क्ष बनाया जाए। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष किसी युवा को बनाया जाना चाहिए, जिसकी सोच आधुनिक हो और वह पार्टी को आज की जरूरत के हिसाब से आगे बढ़ाए। 

(तस्वीर साभार- पीटीआई)

कांग्रेस पार्टी की तरफ से ऐसी किसी बात पर अमल नहीं किया गया। कांग्रेस को शायद इस बात की उम्मीद थी कि राहुल गांधी फिर से अपनी कुर्सी संभाल सकते हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राहुल गांधी को इस समय अध्यक्ष पद नहीं छोड़ना चाहिए। पी चिदंबरम और अन्य नेताओं की तरफ से भी कुछ इसी तरह के बयान आए। लेकिन राहुल गांधी अपने फैसले से टस से मस नहीं हुए। अब सवाल यह है कि कांग्रेस नेताओं की तरफ से ऐसे बयान क्यों दिए जाते हैं? क्या उन्हें किसी अन्य नेता की काबिलियत पर शक है या वो कांग्रेस के प्रति इतने वफादार हैं कि वो गांधी परिवार के अलावा किसी और के बारे में सोच ही नहीं सकते हैं? क्या सत्ता गंवाने के बाद से कांग्रेस में नेताओं की कमी महसूस होने लगी है? 

Rahul Gandhi

(तस्वीर साभार- पीटीआई)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर से अब प्रियंका गांधी का नाम आगे बढ़ाया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनकी बातों का समर्थन किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करके प्रियंका गांधी को सही विकल्प बताया है। अब शशि थरूर और कैप्टन अमरिंदर के बयानों के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रेस से बाहर हो गए हैं। कैप्टन ने कहा कि प्रियंका गांधी के नाम पर आम सहमति बन जाएगी और सबका समर्थन भी हासिल होगा। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी एक करिश्माई नेता हैं। कांग्रेस का यह निर्णय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं सभी को पसंद आएगा। 

priyanka gandhi

(तस्वीर साभार- पीटीआई)

प्रियंका गांधी ने हाल की घटनाओं पर जिस तरह से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को घेरा है। उससे वो काफी सुर्खियां बटोर रही हैं। प्रियंका के काम से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ रही है। उत्तर प्रदेश में जो भी घटनाएं घटित हो रही हैं प्रियंका गांधी हर छोटी और बड़ी घटना पर सरकार को घेर रही हैं। सोनभद्र की नरसंहार वाली घटना पर प्रियंका गांधी का धरने पर बैठना और सरकार का बैक फुट पर जाना काफी चर्चा में रहा। प्रियंका गांधी फिलहाल कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव हैं और पूरे उत्तर प्रदेश की प्रभारी भी हैं। 

priyanka gandhi

(तस्वीर साभार- पीटीआई)

लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को महज एक सीट पर जीत मिली थी। कांग्रेस केवल रायबरेली सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही। यहां तक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए। अमेठी को कांग्रेस का पुराना गढ़ माना जाता है। कांग्रेस की करारी हार को प्रियंका गांधी ने काफी चुनौतीपूर्ण तरीके से लिया और उत्तर प्रदेश में मृतप्राय कांग्रेस को जिंदा करने में लगी हुई हैं। कांग्रेस को इस बात का एहसास हो गया है कि कांग्रेस जब तक उत्तर प्रदेश में जिंदा नहीं होगी तब तक वह अपने बल पर केंद्र में सरकार बनाने में नाकामयाब रहेगी।

(डिस्क्लेमर : मनोज यादव अतिथि लेखक हैं और ये इनके निजी विचार हैं। टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।)

 

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