क्‍या आपके स्‍मार्टफोन में नहीं है Aarogya Setu App? तो यूपी के इस जिले में होगा यह अपराध

Aarogya Setu App mandatory: आरोग्‍य सेतु एप को जहां कोरोना वायरस ट्रैकिंग के सिलसिले में काफी अहम बताया जा रहा है, वहीं लोगों के मन में इसे लेकर तमाम शंकाएं भी हैं।

क्‍या आपके स्‍मार्टफोन में नहीं है Aarogya Setu App? यूपी के इस जिले में बनेगा ये क्राइम
क्‍या आपके स्‍मार्टफोन में नहीं है Aarogya Setu App? यूपी के इस जिले में बनेगा ये क्राइम  |  तस्वीर साभार: BCCL

नोएडा : कोरोना वायरस ट्रैकिंग एप आरोग्य सेतु को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हालांकि सरकार की ओर से बार-बार यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि इसमें किसी भी यूजर की निजता को कोई खतरा नहीं है और डेटा सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम हैं। बहुत से लोगों ने यह एप अपने स्‍मार्टफोन में डाउनलोड किया है, जबकि कुछ लोग तमाम संशयों के कारण अब तक ऐसा नहीं कर पाए हैं। कोरोना वायरस ट्रैकिंग के लिहाज से इसे बेहद अहम माना जा रहा है। इस बीच यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में इसे अनिवार्य कर दिया है।

आरोग्‍य सेतु एप अनिवार्य
जिला प्रशासन की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि अगर किसी स्‍मार्टफोन यूजर ने अपने फोन में आरोग्‍य सेतु एप इंस्‍टॉल नहीं किया है और वह सार्वजनिक स्‍थल पर जाते हैं तो यह लॉकडाउन के नियमों के उल्‍लंघन का अपराध होगा, जिसमें दोषियों के लिए सजा का भी प्रावधान है। यह आदेश 3 मई का बताया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर के एडिशनल डिप्‍टी कमीश्‍नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर)  आशुतोष द्विवेदी की ओर से यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें स्‍मार्टफोन यूजर्स के लिए इस एप को इंस्‍टॉल करना अनिवार्य बताया गया है।

आरोग्‍य सेतु एप को लेकर चिंता
यहां उल्‍लेखनीय है कि आरोग्य सेतु ऐप को लेकर उठ रही शंकाओं के बीच इसके आधिकारिक ट्विटर हैंडल की ओर से मंगलवार देर रात जानकारी दी गई कि इसमें किसी भी प्रकार के डेटा या सुरक्षा उल्लंघन का मामला नहीं है। ये जवाब तब आया है, जब एक फ्रांसीसी सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट एल्डरसन ने ट्वीट कर दावा किया कि आयोग्य सेतु ऐप में खामी पाई गई है और इसमें सुरक्षा की समस्या है। हालांकि आरोग्य सेतु एप की टीम ने इससे इनकार किया है।

राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा
पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी आरोग्य सेतु को लेकर सवाल उठाए थे और इसे सरकार की सोची-समझी निगरानी प्रणाली करार दिया था। उन्‍होंने कहा कि इससे डेटा की सुरक्षा और निजता को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं। हालांकि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और आयुष्‍मान भारत के सीईओ इसे गलत करार देते हुए यह भी कहा कि इसमें डेटा सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं।

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