सैन्य ताकतों को मिलेगा बढ़ावा, रूस के साथ आर-27 मिसाइल खरीदने के लिए 15000 करोड़ की डील

देश
Updated Jul 29, 2019 | 22:03 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

भारतीय वायुसेना ने अपनी सैन्य ताकतों को और बढ़ाया है। आईएएफ ने रूस के साथ डेढ़ हजार करोड़ रुपए के सौदे पर हस्ताक्षर किया जिसके तहत भारत उससे आर-27 एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदेगा।

Su-30MKI fighter planes
आर-27 मिसाइल को सु-30 एमकेआई में किया जाएगा फिट (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • भारतीय वायुसेना ने आर-27 मिसाइल खरीदने के लिए रूस के साथ सौदे पर किया हस्ताक्षर
  • प्रतिकूल मौसम में हमले करने की क्षमता
  • पुलवामा हमले के बाद सरकार ने दिए उपकरण खरीदने के अधिकार

नई दिल्ली:भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 1500 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की आर-27 एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने के लिए रूस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मिसाइलों को एसयू -30 एमकेआई लड़ाकू विमानों पर फिट किया जाएगा। मिसाइलें वायुसेना की हवा से हवा में मार करने की क्षमता को और मजबूत करेंगी। सरकार के सूत्रों ने कहा,'भारतीय वायु सेना के एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान बेड़े में आर-27 एयर-टू-एयर मिसाइल के अधिग्रहण के लिए रूस के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।'

किसी भी मौसम में हवाई लक्ष्यों को नष्ट कने की क्षमता
आर-27 मिसाइल दिन के किसी भी समय प्रतिकूल मौसम की स्थिति में हवाई लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई है। मिसाइलों को 10-I परियोजनाओं के तहत अधिग्रहित किया गया है, जो तीनों सेवाओं को महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य करती हैं।

सैन्य ताकत को और मजबूत किया गया
बीते 50 दिनों में, भारतीय वायु सेना ने रक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित आपातकालीन आवश्यकताओं के तहत उपकरण प्राप्त करने के लिए 7,600 करोड़ रुपए से अधिक के सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय वायुसेना ने मिसाइलों की खरीद पर करीब 7600 करोड़ रुपए खर्च किए हैं जिसमें कि स्पाइस-2000, स्ट्रम अटका एटीजीएम और आपातकालीन खरीद मार्ग के तहत बड़ी संख्या में पुर्जे खरीदे गए हैं।

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से सीमाओं की सुरक्षा के लिए जो भी उपकरण की आवश्कता होती है, उसे खरीदने के लिए तीन सेवाओं के लिए आपातकालीन अधिकार दिए थे। सरकार द्वार दिए गए अधिकारों के तहत, सुरक्षा बल 300 करोड़ रुपए तक प्रति मामले की लागत पर तीन महीने के भीतर अपनी पसंद के उपकरण खरीद सकते हैं।

सेना को दिए गए थे अधिकार
गौरतलब है कि इस साल फरवरी में  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक काफिले पर आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला कर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के कई ठिकानों को बुरी तरह नष्ट कर दिया था। हमले के बाद से भारत ने अपने सीमाओं पर चौकसी और बढ़ा दी थी। सरकार द्वारा हमले के कुछ ही हफ्तों में सैन्य बलों को आपातकालीन अधिकार दिए गए थे। बता दें कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

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