अमेरिका-ईरान संघर्ष में छिपी है तीसरे विश्व युद्ध की आहट! बनी हुई हैं ये आशंकाएं  

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Updated Jan 08, 2020 | 20:05 IST

Iran and USA tensions : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका पर ईरान के पलटवार के बाद आशंका है कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से तेहरान को जवाब देने के लिए कार्रवाई की जा सकती है।

How Iran and USA tension can trigger World War III, अमेरिका-ईरान संघर्ष में छिपी है तीसरे विश्व युद्ध की आहट! बनी हुई हैं ये आशंकाएं।
Iran and America Tension : ईरान-अमेरिका तनाव।  |  तस्वीर साभार: AP

नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका पर ईरान के पलटवार के बाद आशंका है कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से तेहरान को जवाब देने के लिए कार्रवाई की जा सकती है। एक-दूसरे को जवाब देने की कार्रवाई तीसरे विश्व युद्ध को जन्म दे सकती है। इसके पर्याप्त कारण हैं। तेहरान यदि अमेरिकी बलों अथवा इजरायल पर साइबर या ईरान के समर्थन वाले सीरिया के विद्रोही गुटों से आतंकवादी हमले कराता है तो स्थिति और जटिल हो जाएगी। इसके बाद अमेरिकी की जवाबी कार्रवाई युद्ध में सऊदी अरब, रूस, चीन और तुर्की को खींच सकती है। कुछ देशों के बीच शुरू हुआ संघर्ष धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी जद में ले सकता है।   

कहां और किस तरह की हो सकती है कार्रवाई

ईरान 
1-तेहरान लगातार न्यूक्लियर डील का उल्लंघन कर सकता है।
2-इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान यदि साइबर हमला करता है।
3-अमेरिकी ड्रोन्स पर यदि ईरान मिसाइल से हमला करता है।
4-ईरान यदि अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला करता है।

सीरिया 
1-ईरान के इशारे पर सीरिया में मौजूद मिलिशिया यदि अमेरिकी बलों पर हमले करते हैं।
2-सीरिया की तरफ से यदि इजरायल पर रॉकेट से हमले होते हैं।
3-गोलन की ऊंचाइयों पर यदि इजरायल के पोस्ट पर हमले हुए।

इराक 
1-ईरान के समर्थन वाले आतंकवादी गुटों की ओर से यदि अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले हुए।
2-इराक में अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठानों पर यदि रॉकेट से हमला हुआ।
3-बगदाद में यदि अमेरिकी दूतावास पर यदि फिर हमला हुआ।

सऊदी अरब
1-ईरान की तरफ से यदि सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमले हुए।
2-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यदि तेल के जहाजों को यदि निशाना बनाया गया।
3-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को यदि बंद किया गया।

लेबनान
आतंकवादी संगठन हेजबुल्ला यदि लेबनान पर रॉकेट हमला करता है।

यमन
1-यमन की तरफ से सऊदी अरब की सेना पर यदि हमलों में वृद्धि हुई।
2-सऊदी अरब में तेल की पाइपलाइन को यदि ड्रोन से निशाना बनाया गया।

इजरायल
1-इजरायल की संस्थाओं पर यदि साइबर हमले हुए।
2-सीरिया की तरफ से यदि इजरायल पर हमले हुए।
3-ईरान की तरफ से इजरायल पर यदि मिसाइल से हमले हुए।

ऐसे पलटवार कर सकता है अमेरिका 
मध्य पूर्व एवं फारस की खाड़ी में अमेरिका के सैन्य ठिकाने और फौज की काफी तादाद पहले से मौजूद है। अमेरिका के एफ-22 रैप्टर फाइटर्स कतर में मौजूद हैं। क्रूज मिसाइल से लैस ओहिया क्लास की सबमरीन और लड़ाकू विमानों से युक्त युद्धपोत एवं यूएस स्पेशल फोर्स के जवान उत्तरी इराक एवं सीरिया में हैं। 

रूस भी युद्ध में उतर सकता है
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता के समर्थन एवं उसकी सुरक्षा में यहां रूस के हजारों सैनिक एवं उसके लड़ाकू विमान मौजूद हैं। सीरिया में रूस ने अपनी एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 को भी तैनात कर रखा है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष बढ़ने पर और असद की सत्ता को चुनौती मिलती देख रूस इसमें दखल दे सकता है। सीरिया में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में यदि उसकी फौज को नुकसान पहुंचता है तो रूस लंबी दूरी की मिसाइल का इस्तेमाल कर सकता है।

इजरायल जवाबी कार्रवाई कर सकता है
इजरायल पहले ही साफ कर चुका है कि ईरान की तरफ से यदि उसे निशाना बनाया गया तो वह कड़ी कार्रवाई करेगा। इजरायल परमाणु हथियारों से संपन्न देश है। उसके पास आधुनिक एवं उन्नत लड़ाकू विमान एवं रक्षा तकनीक है। इजरायल अपनी स्पेशल फोर्स के जरिए ईरान में तबाही मचाने की क्षमता रखता है।        

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