योगी सरकार को हाईकोर्ट का झटका, OBC की 17 जातियों को SC में शामिल करने पर लगाई रोक

देश
Updated Sep 16, 2019 | 19:32 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट ने योगी आदित्यनाथ की सरकार को झटका देते हुए ओबीसी की 17 जातियों को एससी वर्ग में शामिल करने पर रोक लगा दी है।

Yogi government OBC SC high court
ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने पर रोक  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • हाईकोर्ट ने 17 ओबीसी जातियों के एससी में शामिल करने पर लगाई रोक
  • बीते जून महीने में योगी आदित्यनाथ सरकार ने लिया था फैसला

नई दिल्ली: योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले को झटका देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को पिछड़ी जाति वर्ग (ओबीसी) की 17 जातियों के अनुसूचित जाति वर्ग (एससी) में शामिल किए जाने पर रोक लगा दी। इस साल जून में, योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने 17 ओबीसी- निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भार, धीवर, बाथम, मचुआ, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़िया को अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल करने का निर्देश जारी किया था।  यह निर्देश 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले जारी किया गया था।

मायावती सरकार ने राज्य सरकार पर इस फैसले को लेकर हमला किया था। उन्होंने कहा था, 'यह एक बड़ा धोखा है। इन 17 जातियों के लोगों को ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण के तहत फायदा नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा उन्हें एससी कोटे का फायदा भी नहीं मिलेगा क्योंकि किसी भी राज्य में कोई सरकार उन्हें ओबीसी से नहीं हटाएगी और एससी में शामिल नहीं करेगी।'

बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तक इस फैसले की आलोचना की गई थी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने  जुलाई में राज्यसभा में बोलते हुए कहा था कि यह फैसला संविधान के अनुसार नहीं है। गहलोत ने कहा था कि इस फैसले के लिए प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए और पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए।

यूपी में बीजेपी सरकार इस तरह का फैसला करने वाली पहली सरकार नहीं है। 2005 में, मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने ओबीसी की 11 जातियों को शामिल करने का पहला आदेश पारित किया था लेकिन इस आदेश पर भी रोक लगा दी गई थी और केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद, मायावती की बसपा सरकार ने अधिसूचना को रद्द कर दिया था।

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